बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद रोहिणी आचार्य ने राजनीति और परिवार से तोड़ा नाता, कही ये बड़ी बात

Rohini quits politics and family: (पटना): बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल) को मिली करारी हार के अगले दिन पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने राजनीति छोड़ने और अपने परिवार से नाता तोड़ने की घोषणा की। एमबीबीएस की पढ़ाई कर चुकीं रोहिणी लंबे समय से सिंगापुर में अपने पति के साथ रह रही हैं।

रोहिणी ने ‘एक्स’ पर की चौंकाने वाली घोषणा

रोहिणी ने यह घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर की, जिसमें उन्होंने लिखा, “मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं। संजय यादव और रमीज़ ने मुझसे यही करने को कहा था और मैं पूरा दोष अपने ऊपर ले रही हूं।” संजय यादव, राजद के राज्यसभा सदस्य हैं और तेजस्वी यादव के भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते हैं। वहीं रमीज को तेजस्वी का पुराना मित्र बताया जाता है। रोहिणी की पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उन्होंने किस विषय पर यह कदम उठाया।

पहले भी चर्चा में आई थी रोहिणी

कुछ साल पहले रोहिणी ने चर्चा में तब आई थी, जब उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद को गुर्दा दान किया था। पिछले साल उन्होंने सारण लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, यह भी चर्चा में था कि वह तेज प्रताप यादव के पार्टी से निष्कासन को लेकर नाराज थीं, हालांकि विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने तेजस्वी यादव के लिए प्रचार किया।

राजद की स्थिति रही बेहद कमजोर

बता दें कि इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव में राजद की स्थिति बेहद कमजोर रही। उनकी सीटें 75 से घटकर केवल 24 रह गईं। वहीं, सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने महागठबंधन को पराजित करते हुए सत्ता बरकरार रखी। इस जीत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक पकड़ और मजबूत हुई है।

NDA के दोनों प्रमुख घटक भाजपा और जनता दल (यू) ने अपनी-अपनी 101 सीटों पर लगभग 85 प्रतिशत सफलता दर हासिल की। गठबंधन ने 243 सदस्यीय विधानसभा में तीन-चौथाई बहुमत हासिल करते हुए “200 पार” का आंकड़ा पार किया। इसमें भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।

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