Diwali Sale: देशभर में इस साल दिवाली पर रिकॉर्ड ₹6.05 लाख करोड़ की बिक्री दर्ज की गई, जिसमें ₹5.40 लाख करोड़ की वस्तुएं और ₹65,000 करोड़ की सेवाएं शामिल हैं। यह जानकारी व्यापारियों के संगठन कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने मंगलवार को एक बयान में दी।
कैट के मुताबिक, बिक्री में यह ऐतिहासिक बढ़ोतरी हाल ही में माल एवं सेवा कर (GST) दरों में कटौती और मजबूत उपभोक्ता विश्वास के चलते संभव हुई है। यह आंकड़ा देशभर के 60 प्रमुख वितरण केंद्रों, जिनमें राज्य की राजधानियां, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहर शामिल हैं, में किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है।
2024 सवा चार लाख करोड़ थी बिक्री
पिछले वर्ष दिवाली पर कुल बिक्री 4.25 लाख करोड़ रुपये रही थी। इस वर्ष मुख्यधारा की खुदरा बिक्री में गैर-कॉरपोरेट और पारंपरिक बाजारों का 85% योगदान रहा, जो ऑनलाइन खरीदारी के युग में छोटे व्यापारियों की मजबूत वापसी को दर्शाता है।
प्रमुख श्रेणियों में बिक्री का वितरण
राशन और रोजमर्रा की वस्तुएं: 12%
सोना और आभूषण: 10%
इलेक्ट्रॉनिक्स और बिजली उपकरण: 8%
टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, रेडिमेड कपड़े, उपहार: प्रत्येक 7%
घरेलू सजावट, फर्निशिंग, मिठाई-नमकीन: प्रत्येक 5%
कपड़ा, पूजा सामग्री, फल-सूखे मेवे: 3-4%
सेवाओं में योगदान
सेवाओं से हुई ₹65,000 करोड़ की कमाई में पैकेजिंग, हॉस्पिटैलिटी, कैब सेवाएं, ट्रैवल, कार्यक्रम आयोजन, टेंट डेकोरेशन, मानव संसाधन और आपूर्ति शामिल हैं। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया ने बताया कि 72% व्यापारियों ने उच्च बिक्री का श्रेय GST दरों में कटौती को दिया।
दिवाली पर आर्थिक प्रभाव
50 लाख अस्थायी रोजगार सृजित हुए।
ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों ने कुल व्यापार का 28% हिस्सा लिया।
स्थिर कीमतों ने उपभोक्ताओं की संतुष्टि और खर्च को बढ़ावा दिया।