India US Trade Talks: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर मंगलवार को नई बातचीत शुरू हुई। इस बैठक का उद्देश्य उन मुद्दों को सुलझाना है जो हाल के महीनों में भारतीय निर्यातकों के लिए अनिश्चितता और आर्थिक दबाव का कारण बने हैं। बैठक में दोनों देशों ने हाई टैरिफ और खासकर रूसी कच्चे तेल की खरीद के बाद अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 25% टैरिफ और अतिरिक्त जुर्माने जैसे मसलों पर चर्चा की गई।
वार्ताकारों के नेतृत्व में हुई बैठक
इस अहम बैठक की अगुवाई अमेरिका की ओर से ब्रेंडन लिंच, सहायक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (South and Central Asia) ने की, जबकि भारत की ओर से राजेश अग्रवाल, विशेष सचिव (वाणिज्य विभाग), ने प्रतिनिधित्व किया। सूत्रों के मुताबिक लिंच सोमवार देर रात भारत पहुंचे और यह एक दिवसीय बातचीत मंगलवार को शुरू हुई।
छठे दौर की औपचारिक वार्ता से पहले की तैयारी
वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह बैठक छठे दौर की वार्ता नहीं, बल्कि उससे पहले की तैयारी और परामर्श का हिस्सा है। दोनों देशों के बीच इस वर्ष फरवरी में हुई सहमति के अनुसार, BTA के पहले चरण को 2025 की शरद ऋतु तक अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक इस मुद्दे पर पांच दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं। छठा दौर अगस्त में प्रस्तावित था लेकिन अमेरिका द्वारा शुल्क बढ़ाए जाने के बाद उसे टाल दिया गया।
भारत ने बताया टैरिफ को “अनुचित”
भारत ने अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% तक के टैरिफ को अनुचित करार दिया है। खासकर जब ये शुल्क ऐसे समय लगाए गए जब भारत राष्ट्रीय हितों के तहत रूस से कच्चे तेल की खरीद कर रहा है। सरकार का कहना है कि ऊर्जा नीति पूरी तरह से बाजार की स्थितियों और देश की आवश्यकताओं पर आधारित है।
किसानों के हित से भारत नहीं करेगा समझौता
एक अधिकारी के मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच साप्ताहिक वर्चुअल मीटिंग्स भी चल रही हैं ताकि प्रमुख मुद्दों पर निरंतर संवाद बना रहे। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी व्यापार समझौते में देश के किसानों, डेयरी उद्योग और MSMEs के हितों की रक्षा को प्राथमिकता देगी। सरकार ने यह रुख पहले भी WTO सहित विभिन्न मंचों पर दोहराया है।
ट्रंप के रुख में नरमी ने बढ़ाई उम्मीदें
यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है, भारत और पीएम मोदी को लेकर ट्रंप ने सकारात्मक टिप्पणी की। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों की सकारात्मक सराहना पर प्रतिक्रिया दी थी। माना जा रहा है कि इसने दोनों पक्षों को फिर से वार्ता की मेज़ पर लाने में भूमिका निभाई।