Himachal Pradesh weather update: हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग ने 12 से 14 सितंबर तक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज बारिश, गरज और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मैदानी और मध्यवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में भी रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित
बारिश का सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में देखा गया है, जहां हालात बेहद खराब हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार तक मंडी में 151 सड़कें बंद पड़ी थीं, जिनमें अधिकतर ग्रामीण मार्ग हैं। इसके अलावा बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। जिले में 8 ट्रांसफार्मर अभी तक ठप्प हैं और कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई भी बाधित रही।
प्रदेश में मानसून से भारी तबाही
प्रदेशभर में मानसून सीजन के दौरान अब तक 137 भूस्खलन, 97 बाढ़ और 45 बादल फटने की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। बुधवार तक राज्य में 4 नेशनल हाईवे और कुल 582 सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं। हालांकि राहत कार्य लगातार जारी है और प्रशासन ने एक ही दिन में 63 सड़कों को बहाल कर दिया, फिर भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी।
बिजली और पानी की सप्लाई प्रभावित
राज्यभर में 244 ट्रांसफार्मर को मरम्मत के बाद पुनः चालू किया गया, लेकिन अब भी 571 ट्रांसफार्मर ठप्प पड़े हैं। कुल्लू जिले में एनएच-03 और एनएच-305 सहित 214 सड़कें बंद हैं। मंडी में 150, शिमला में 58, कांगड़ा में 42, चंबा में 30 और ऊना जिले में 19 सड़कें अब भी अवरुद्ध हैं। वहीं, किन्नौर में एनएच-05 पूरी तरह से बंद है।
प्रशासन की चेतावनी और अपील
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि आवश्यक न हो तो यात्रा से बचें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों या नदियों-नालों के किनारे न जाएं। मंडी जिले में आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर हैं और युद्धस्तर पर सड़कों को खोलने, बिजली व जल आपूर्ति को बहाल करने का कार्य जारी है।