Rajnath Singh on Gagan Yaan Mission: (नई दिल्ली): रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को भारतीय वायुसेना के चार चुने हुए गगनयात्रियों को “देश के रत्न” बताया और सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि गगनयान मिशन आत्मनिर्भर भारत की यात्रा में एक नया अध्याय है, जो देश की तकनीकी ताकत का प्रतीक है।
यह सम्मान समारोह दिल्ली के सुब्रतो पार्क में भारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम ‘एक्सिओम-4’ मिशन की सफलता के बाद हुआ, जिसमें विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला भी शामिल थे। इस मिशन ने भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है।
गगनयात्रियों के नाम और चयन प्रक्रिया
गगनयान मिशन के लिए चयनित चार गगनयात्री हैं ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर, ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन, ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप और विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला। इन नामों का पहली बार फरवरी 2024 में तिरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में खुलासा किया गया था।
गगनयान मिशन का उद्देश्य
प्रधानमंत्री मोदी ने 2018 में गगनयान परियोजना की घोषणा की थी। इस मिशन का उद्देश्य 2027 में तीन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को तीन दिनों के लिए पृथ्वी की कक्षा में भेजना है। यह मिशन भारत के लिए पहली बार मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान होगी और देश की तकनीकी क्षमता को मजबूत करेगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “गगनयान मिशन भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी शक्ति का प्रतीक है। हमारे ये गगनयात्री देश के लिए गर्व का विषय हैं और युवा पीढ़ी को प्रेरणा देंगे।” उन्होंने इस मिशन को आत्मनिर्भर भारत की यात्रा में एक नया अध्याय बताया।