Delhi Yamuna on Danger: राजधानी दिल्ली में पिछले कई हफ्तों से जारी बारिश और जलभराव के बीच यमुना का जलस्तर सोमवार को दोपहर 2 बजे खतरे के निशान को पार कर गया। इससे यमुना के आसपास के इलाकों में दहशत फैलने लगी है। यमुना के किनारे बसे घरों और प्रतिष्ठानों तक पानी पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। इससे दिल्ली सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। आसपास बसे लोगो से इलाका जल्द खाली कराया जा सकता है।
कितना बढ़ा जलस्तर
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर 205.36 मीटर तक पहुंच गया, जिससे उसने खतरे का निशान (205.33 मीटर) पार कर लिया है। यह जानकारी बाढ़ नियंत्रण विभाग और केंद्रीय जल आयोग ने दी। यमुना नदी का चेतावनी स्तर 204.50 मीटर, खतरे का स्तर: 205.33 मीटर, निकासी की तैयारी का स्तर 206.00 मीटर है।
ऐसे बढ़ा जलस्तर
पिछले दिनों की स्थिति पर नजर डालें तो 15 अगस्त, दोपहर 1 बजे तक यमुना नदी का जलस्तर 204.65 मीटर, 16 अगस्त को 205.11 मीटर पहुंच गया। अब 18 अगस्त को यह खतरे के निशान को पार कर गया। 19 अगस्त तक अनुमानित जलस्तर 206.00 मीटर (केंद्रीय जल आयोग के अनुसार) पहुंचने की आशंका है।
जलस्तर बढ़ने के कारण
वजीराबाद बैराज: हर घंटे 36,064 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। हथिनीकुंड बैराज से लगभग 57,460 क्यूसेक पानी प्रति घंटे छोड़ा जा रहा है। इन बैराजों से छोड़ा गया पानी 48–50 घंटे में दिल्ली पहुंचता है।
सभी संबंधित एजेंसियों को एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। यदि जलस्तर 206 मीटर के करीब पहुंचता है, तो निचले इलाकों से लोगों की निकासी शुरू की जाएगी।