जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में फटा बादल, 38 लोगों की मौत

J&K cloudburst: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में मचैल मट्टा यात्रा के रास्ते में पड्डेर सब डिवीजन के चिशोती गांव में बादल फटने (cloudburst) से भारी तबाही मची है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण चिशोती गांव में अचानक बाढ़ (flash flood) आ गई, जिसने गांव में भयावह स्थिति पैदा कर दी। कई लोगों के बहने की खबरें सामने आई हैं, और इस हादसे में अब तक 38 लोगों की मौत हो चुकी है।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

राहत और बचाव कार्य (relief and rescue operations) तेजी से जारी हैं, लेकिन मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।सेना (Army) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें बचाव कार्य में दिन-रात जुटी हुई हैं। स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर ये टीमें प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने और घायलों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने में लगी हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार बारिश के बावजूद बचाव कार्य को तेज करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

उपराज्यपाल ने जताया शोक

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (Lieutenant Governor) मनोज सिन्हा ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अपने बयान में कहा, “किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना से मैं अत्यंत व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है, और मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।” उन्होंने सिविल प्रशासन, पुलिस, सेना (Army), NDRF, और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को बचाव और राहत कार्यों को और तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए अधिकारियों को तत्पर रहने को कहा गया है।

केंद्र और राज्य मिलकर कर रहे काम

इस आपदा ने स्थानीय समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है। राहत कार्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही है।

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