Uttarakhand Cloudburst: उत्तराखंड में मंगलवार को बादल फटने के बाद आई बाढ़ में प्राचीन शिव मंदिर कल्प केदार मलबे में दब गया है। बता दें कि उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में बादल फटने के कारण खीर गंगा नदी में विनाशकारी बाढ़ आ गई। इससे यहां स्थित प्राचीन शिव मंदिर कल्प केदार मलबे में दब गया। मलबे से 12 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। अभी कई और मौतों की आशंका है। पूरे इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
पहले भी एक आपदा में दब गया था कल्प केदार मंदिर
ऐसा बताया जाता है कि पिछली बार आई किसी आपदा के कारण भी यह मंदिर कई वर्षों तक जमीन के नीचे दबा गया था। लोग बताते हैं कि तब इसका केवल इसका उपरी हिस्सा ही दिखाई देता था। कतुरे शैली में निर्मित इस शिव मंदिर की वास्तुकला केदारनाथ धाम की तरह है।
80 साल पहले खुदाई में मिला था मंदिर
वर्ष 1945 में की गई एक खुदाई के बाद इस मंदिर के बारे में पता चला था। जमीन के नीचे कई फुट तक खुदाई करने पर एक प्राचीन शिव मंदिर मिला था, जिसकी संरचना केदारनाथ मंदिर की तरह थी। मंदिर जमीन से नीचे स्थित था और भक्तों को मंदिर में प्रार्थना करने के लिए नीचे जाना पड़ता था।
गर्भगृह में आता है खीरगंगा का पानी
लोगों का कहना है कि मंदिर के गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग पर अक्सर खीरगंगा का पानी आता है और इसके लिए एक रास्ता भी बनाया गया है। मंदिर के बाहर पत्थर पर नक्काशी की गई है। प्राचीन शिव मंदिर में स्थापित शिवलिंग का आकार केदारनाथ की तरह ही नंदी की पीठ की तरह है।