77th Forest Festival: पानीपत में 77वें वन महोत्सव के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया। कार्यक्रम के दौरान हरियाणा में पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया गया। मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान से प्रेरणा लेकर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का स्वरूप दिया जा रहा है।
मनोहर लाल ने कहा कि प्रकृति की रक्षा हमारे लिए कोई आधुनिक विचार नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति का मूल संस्कार है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को प्रदेश के विकास के साथ जोड़ते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, स्वच्छ और समृद्ध हरियाणा के निर्माण को संकल्प बताया।
विकास और पर्यावरण संरक्षण में संतुलन
मनोहर लाल ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना जरूरी है। इसी सोच के साथ हरियाणा को आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, स्वच्छ और समृद्ध बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण को केवल एक अभियान के तौर पर नहीं, बल्कि जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए समाज के अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी जरूरी है।
पौधारोपण के साथ देखभाल पर जोर
मनोहर लाल ने कहा कि अधिक से अधिक पौधे लगाए जाने चाहिए और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने पौधा लगाने के साथ उसकी देखभाल का संकल्प लेने की बात कही।
उन्होंने प्रकृति संरक्षण के इस महायज्ञ में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत किया गया पौधारोपण भी इसी पर्यावरण संरक्षण अभियान का हिस्सा है। मनोहर लाल ने कहा कि सामूहिक भागीदारी के जरिए ही प्रकृति का संरक्षण किया जा सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण तैयार किया जा सकता है।