Operation Mahadev: (श्रीनगर): जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर जिले के बाहरी क्षेत्र हरवान के जंगलों में सोमवार को सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली। सेना के पैरा कमांडो और राष्ट्रीय राइफल्स की संयुक्त कार्रवाई में तीन आतंकवादी मारे गए। मारे गए आतंकियों में से एक की पहचान जिबरान के रूप में हुई है, जो पिछले वर्ष सोनमर्ग सुरंग परियोजना पर हुए घातक हमले में शामिल था। वहीं, एक अन्य मारे गए आतंकी को लेकर संदेह है कि वह इस वर्ष 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन इलाके में हुए हमले का मास्टरमाइंड सुलेमान हो सकता है।
पहलगाम हमले में मारे गए थे 26 लोग
22 अप्रैल को पहलगाम के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बैसरन में हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे। यह हमला राज्य में सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा था। सुरक्षा एजेंसियों को तकनीकी निगरानी के ज़रिए हाल ही में मिले संकेत पहलगाम हमले में इस्तेमाल किए गए उपकरणों से मिलते-जुलते पाए गए। इसी आधार पर हरवान के जंगलों में तलाशी अभियान चलाया गया, जिसे ‘ऑपरेशन महादेव’ नाम दिया गया। सेना के अनुसार, अभियान के दौरान मुलनार गांव के पास आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर इलाके की घेराबंदी की गई। लगभग साढ़े 11 बजे मुठभेड़ शुरू हुई, जिसमें तीन आतंकवादी मारे गए।
सोनमर्ग सुरंग परियोजना में शामिल था आतंकी
मारे गए आतंकियों में से जिबरान की पुष्टि हो चुकी है, जो अक्टूबर 2024 में गगनगीर में सोनमर्ग सुरंग परियोजना पर हुए हमले में शामिल था। उस हमले में एक डॉक्टर समेत कुल सात लोग मारे गए थे। सोनमर्ग हमले का मकसद जम्मू-कश्मीर में चल रही इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को बाधित करना था। दूसरे आतंकी की पहचान अभी औपचारिक रूप से नहीं हो पाई है, लेकिन अधिकारियों को पूरा शक है कि वह सुलेमान है जो बैसरन हमले की साजिश का हिस्सा था। तीसरे आतंकी की पहचान के प्रयास जारी हैं।
हथियारों की बड़ी बरामदगी
मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से एक एम4 कार्बाइन राइफल, दो एके-47 राइफलें, और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया है। सेना की 24वीं राष्ट्रीय राइफल्स और 4 पैरा यूनिट के जवानों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। सेना की चिनार कोर ने ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर बताया कि यह अभियान अभी भी चल रहा है और अंतिम रिपोर्ट के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
हाई अलर्ट पर हैं सुरक्षा एजेंसियों
इस कार्रवाई के बाद कश्मीर घाटी में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। श्रीनगर, पहलगाम और सोनमर्ग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की आतंकी प्रतिक्रिया को रोका जा सके। यह मुठभेड़ न केवल हाल के दो बड़े हमलों से जुड़े आतंकियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई थी, बल्कि यह एक संदेश भी है कि आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह अब नहीं मिलेगी।