Shimla Rain Alert: हिमाचल प्रदेश एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। रविवार से जारी भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। 20 जून से अब तक 125 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 25 की मौत भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ में बहने जैसे हादसों में हुई है। इसके अलावा 35 लोग अभी भी लापता हैं।
1235 करोड़ का नुकसान
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक राज्य को 1235 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। यह क्षति निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में दर्ज की गई है। राज्य में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने ऊना और बिलासपुर में ऑरेंज अलर्ट, जबकि हमीरपुर, मंडी, सोलन, और कांगड़ा जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। 23 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। शिमला, मंडी, कांगड़ा, और सोलन जैसे ज़िलों में देर रात से तेज बारिश जारी है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं।
सड़कों और सुविधाओं पर असर
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार रविवार शाम तक 142 सड़कें बंद, 26 ट्रांसफार्मर ठप और 40 से अधिक पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। इससे कई गांव और कस्बों का संपर्क कट गया है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर हैं।
लोगों को दिशा-निर्देश जारी
राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के पास न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मौसम की जानकारी लगातार लेते रहें और आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।