Amarnath yatra 2025: अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित करने के लिए भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन शिव’ नामक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत सेना ने 8,500 से अधिक जवानों को अमरनाथ गुफा मंदिर तक के दोनों प्रमुख मार्गों नुनवान-पहलगाम 48 किमी और बालटाल 14 किमी पर सेना ने इन दोनों रास्तों पर सुरक्षा घेरा मजबूत किया है,ताकि श्रद्धालु बिना किसी व्यवधान के अपनी यात्रा पूरी कर सकें।
आधुनिक तकनीक से लैस सुरक्षा प्रणाली
सेना ने सुरक्षा में अत्याधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया है। प्रवक्ता ने बताया कि, यात्रा मार्गों पर नियमित ड्रोन (यूएवी) मिशन, लाइव निगरानी, और मानवरहित हवाई प्रणाली (काउंटर-यूएएस ग्रिड) के तहत 50 से अधिक ड्रोन रोधी और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियां (ई डब्ल्यू सिस्टम) सक्रिय की गई हैं। इन प्रणालियों का उद्देश्य किसी भी हवाई खतरे को समय रहते निष्क्रिय करना है।
सुरक्षा एजेंसियों का समन्वय
ऑपरेशन शिव’ को सेना ने नागरिक प्रशासन, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CRPF) और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर संचालित किया है। सभी सुरक्षाबलों के बीच निकट समन्वय स्थापित किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी। यह कुल 38 दिन की तीर्थयात्रा है, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन दोनों मार्गों से अमरनाथ गुफा पहुंचते हैं। यहां वे बर्फ से बने प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन करते हैं, जो हर साल एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव का केंद्र होता है।
तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि
रक्षा प्रवक्ता ने कहा, “‘ऑपरेशन शिव’ भारतीय सेना की उस अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत वह हर श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और आस्था का ध्यान रख रही है। हमारा उद्देश्य है कि यह यात्रा हर दृष्टि से सुरक्षित, निर्बाध और आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक हो।”