Amarnath Yatra 2025: (जम्मू): जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार सुबह भगवती नगर आधार शिविर से श्री अमरनाथ यात्रा 2025 के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर कश्मीर घाटी के लिए रवाना किया। यात्रा के पहले दिन ही भारी उत्साह देखने को मिला और देशभर से आए श्रद्धालु भारी बारिश के बावजूद “बम बम भोले” और “हर हर महादेव” के जयकारों के साथ रवाना हुए।
अधिकारियों के अनुसार, पहले जत्थे में 5,892 श्रद्धालु शामिल थे, जिनमें 1,115 महिलाएं, 31 बच्चे और 16 ट्रांसजेंडर श्रद्धालु भी शामिल हैं। ये श्रद्धालु कश्मीर स्थित दो आधार शिविरों नुनवान-पहलगाम (अनंतनाग) और बालटाल (गांदरबल) की ओर रवाना हुए।
9 अगस्त तक चलेगी यात्रा
अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से औपचारिक रूप से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी। श्रद्धालु 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर तक पहुँचने के लिए दो मार्गों में से किसी एक को चुन सकते हैं। पारंपरिक नुनवान-पहलगाम मार्ग लगभग 48 किलोमीटर लंबा है जबकि बालटाल मार्ग छोटा (14 किमी) लेकिन अधिक कठिन चढ़ाई वाला है। इस वर्ष तीर्थयात्रा के लिए अब तक 3.31 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करवा चुके हैं। इसके अलावा, मौके पर ही पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध है, और बीते दो दिनों में करीब 4,000 टोकन जारी किए जा चुके हैं।
सुरक्षा के विशेष इंतजाम
केंद्र और राज्य सरकारों ने इस यात्रा को लेकर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। उपराज्यपाल सिन्हा ने बताया कि यात्रा की 24 घंटे निगरानी के लिए एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र स्थापित किया गया है। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की आवाजाही को ट्रैक करने के लिए RFID आधारित निगरानी प्रणाली भी लागू की गई है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस की सुरक्षा शाखा ने भगवती नगर आधार शिविर की सुरक्षा संभाली है, जबकि सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय बल आधार शिविरों और मार्गों की निगरानी कर रहे हैं। NH-44 और यात्रा मार्गों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है।
स्वास्थ्य और अन्य सुविधाएं बेहतर
उपराज्यपाल ने जानकारी दी कि चंदनवाड़ी और बालटाल आधार शिविरों में 100-बिस्तरों वाले अस्पताल तैयार किए गए हैं, जिन्हें ओएनजीसी के सहयोग से बनाया गया है। इसके अलावा, श्रीनगर में बोर्ड कार्यालय और यात्री निवास का उद्घाटन भी किया जा चुका है। 4 जुलाई को बालटाल में भी एक नया केंद्र शुरू किया जाएगा। मनोज सिन्हा ने कहा कि 2022 के बाद से अमरनाथ यात्रा मार्गों की हालत में सुधार हुआ है। पहले ये मार्ग 6 फुट चौड़े थे, जिन्हें अब 12 फुट चौड़ा कर दिया गया है, जिससे पैदल और घोड़े पर यात्रा करने वालों के लिए सुविधा बढ़ी है।
श्रद्धालुओं का उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा, “पूरे देश से श्रद्धालु आए हैं, जिससे जम्मू एक बड़े उत्सव का केंद्र बन गया है। श्रद्धालु आतंकवादियों की धमकियों को दरकिनार करते हुए भोलेनाथ के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने भी भगवती नगर आधार शिविर का दौरा किया और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि शांतिपूर्ण और व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली गई हैं। अमरनाथ यात्रा न केवल एक धार्मिक उत्सव है, बल्कि यह भारत की धार्मिक एकता, सुरक्षा प्रबंधन और सेवा व्यवस्था का भी प्रतीक बन गई है। इस यात्रा के माध्यम से हर वर्ष लाखों श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव करते हैं।