हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश का कहर, भूस्खलन और अलर्ट से जनजीवन प्रभावित

Himachal Rain and Landslides: (शिमला): हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बीते 24 घंटों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मूसलाधार वर्षा हो रही है, जिससे कई स्थानों पर भूस्खलन, पेड़ों के गिरने, और सड़कों के बंद होने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।

रिकॉर्ड तोड़ बारिश से तबाही

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में मंडी जिले के जोगिंद्रनगर में सबसे अधिक 135 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इसके अतिरिक्त, सोलन के कसौली में 125 मिमी, पांवटा साहिब में 116.8 मिमी, बिझड़ी में 102 मिमी, सुंदरनगर में 96 मिमी और शिमला में 91 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस भारी वर्षा के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव और मिट्टी धंसने की घटनाएं हो रही हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

शिमला में लैंडस्लाइड और नुकसान

राजधानी शिमला में बारिश के कारण कई इलाकों में नुकसान हुआ है। पंथाघाटी-जुंगा मार्ग पर बेल्स इंस्टीट्यूट के पास पेड़ गिरने से दो गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त हो गईं। भराड़ी क्षेत्र में एक वाहन पर पेड़ गिर गया। इसके अलावा भट्टाकुफर से चमियाणा अस्पताल मार्ग पर लैंडस्लाइड हुआ है जिसके कारण सड़क बंद हो गई, जिससे मरीजों और एंबुलेंस को आवागमन में कठिनाई हुई। खलिणी इलाके में मिस्ट चैंबर के पास एक सपोर्टिंग वॉल (डंगा) गिरने से दो आवासों को खतरा उत्पन्न हो गया है। वहीं मैहली क्षेत्र में भी डंगा गिरने से सरकारी आवासों को खतरे की स्थिति में पाया गया है।

मौसम विभाग की चेतावनी और अलर्ट

हिमाचल प्रदेश मौसम विभाग ने आज के लिए ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसका अर्थ है कि भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है और स्थिति पर नजर रखना आवश्यक है। इसके अलावा, चंबा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है। सोमवार भी बिलासपुर, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में फिर से ऑरेंज अलर्ट रहेगा।

प्रशासन ने की लोगों से सतर्कता की अपील

राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में न जाएं, और मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करें। साथ ही सभी संबंधित विभागों को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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