(नई दिल्ली): भारत के इतिहास के सबसे विवादित और काले अध्यायों में से एक, आपातकाल की 50वीं बरसी के अवसर पर दिल्ली प्रदेश महिला मोर्चा ने महाराष्ट्र सदन में एक भव्य मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देश के लोकतंत्र पर उस काले दौर की पड़ताल की गई, जब 1975 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सत्ता बचाने के लिए पूरे देश को लगभग जेल में तब्दील कर दिया था।
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “1975 का आपातकाल सिर्फ एक परिवार की सत्ता बचाने के लिए लगाया गया था। इस दौरान हज़ारों देशभक्तों को बिना मुकदमे जेलों में बंद कर दिया गया, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कुचली गई, और संविधान के मूल सिद्धांतों की हत्या हुई।” उन्होंने कहा कि आज भी जो लोग संविधान की दुहाई देते हैं, उन्हें उस दौर को नहीं भूलना चाहिए जिसने भारतीय लोकतंत्र को सबसे गहरा आघात पहुंचाया।
कांग्रेस की तानाशाही ने पहुंचाया सबसे बड़ा आघात
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विस्तार से बताया कि कैसे उस समय देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों को कुचला गया। “सत्ता के नशे में डूबी कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र को अधमरा कर दिया। जनता की आवाज दबा दी गई और न्यायपालिका को कठपुतली बनाया गया। यह दौर भारतीय इतिहास का एक कालिख है, जिससे हमें सबक लेना होगा।”
नारीशक्ति से राष्ट्रशक्ति की ओर
इसके बाद सीएम रेखा गुप्ता ने वर्तमान सरकार के कार्यकाल में महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं और अधिकारों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारीशक्ति अब राष्ट्रशक्ति बन चुकी है। महिलाओं को आवास, स्वच्छता, गैस कनेक्शन और साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं। साथ ही मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक जैसी कुप्रथा से मुक्ति मिली है।”
लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित
सीएम ने महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33% आरक्षण का श्रेय भी वर्तमान सरकार को दिया। उन्होंने कहा कि इस कदम ने महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाया है और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाई है। “यह आरक्षण महिलाओं को समान अधिकार और सत्ता में बराबरी का अवसर प्रदान करता है। इससे समाज में महिलाओं की स्थिति मजबूत हुई है।
महिलाओं से राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भूमिका की अपील
रेखा गुप्ता ने कहा कि अब समय है कि महिलाएं केवल जागरूक न होकर, देश की प्रगति में अपनी भूमिका निभाएं। “महिलाओं को आगे आकर जिम्मेदारी लेनी होगी और हर क्षेत्र में नेतृत्व करना होगा। केवल तभी हम एक सशक्त और समृद्ध भारत का सपना पूरा कर पाएंगे।”
कार्यक्रम में महिलाओं की उपस्थिति
दिल्ली प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रीमती ऋचा पांडेय सहित कई प्रमुख महिलाओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने भी महिलाओं के सशक्तिकरण और लोकतंत्र के मजबूत स्तंभ बनने पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में महिलाओं के योगदान और नेतृत्व को सम्मानित किया गया। इस मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम ने इतिहास के उस काले अध्याय को याद दिलाया, जब लोकतंत्र की हत्या हुई थी, और साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में महिलाएं कैसे राष्ट्र के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। इस अवसर ने महिलाओं को जागरूकता के साथ-साथ जिम्मेदारी लेने की प्रेरणा भी दी।