कुल्लू और धर्मशाला में NDRF का सर्च ऑपरेशन जारी, अब तक 7 शव बरामद

Himachal Rain and Landslides: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और कांगड़ा (धर्मशाला) में 25 जून 2025 को बादल फटने और अचानक बाढ़ के कारण हुई भारी तबाही के बाद NDRF ने अब तक 7 लोगों का शव बरामद किया है और अन्य की तलाश में शनिवार को भी अभियान जारी है। इस प्राकृतिक आपदा ने कई लोगों की जान ले ली और कई लापता हो गए।

कुल्लू में स्थिति और NDRF के प्रयास

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), स्थानीय पुलिस और होम गार्ड्स की संयुक्त टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। कुल्लू जिले की सैंज घाटी में बादल फटने से रेला बिहाल क्षेत्र में तीन लोग लापता हो गए थे।

किशोरी का शव बरामद

NDRF ने शनिवार को एक किशोरी का शव बरामद किया, जिसकी उम्र 13-14 साल के करीब आंकी गई है । कुल्लू की जिला उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने बताया कि NDRF की टीमें अन्य दो लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, NDRF की टीमें पूरी तत्परता से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। बाढ़ ने चार घरों को बहा दिया और एक मेगावाट के राष्ट्रीय जलविद्युत परियोजना को भी बंद करना पड़ा।

धर्मशाला में अब तक 6 शव मिले

कांगड़ा जिले के खनियारा गांव में मनुनी खड्ड नदी में बादल फटने से प्रियदर्शनी जलविद्युत परियोजना में कार्यरत 15-20 मजदूरों के बह जाने की आशंका जताई गई। अब तक छह शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि चार लोग अभी भी लापता हैं। NDRF कमांडेंट बलजिंदर सिंह के नेतृत्व में टीमें कठिन परिस्थितियों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। एक व्यक्ति को जंगल से सुरक्षित बचाया गया है। धर्मशाला के भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने परियोजना स्थल पर मजदूरों के लिए नदी के पास बनाए गए आश्रयों को लापरवाही करार देते हुए जांच की मांग की है।

चुनौतियां

इस आपदा में कुल्लू और कांगड़ा में पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, और कई लोग अभी भी लापता हैं। बाढ़ ने 15 घरों, दो राष्ट्रीय राजमार्गों, 53 सड़कों, 147 जल आपूर्ति योजनाओं और 135 बिजली फीडरों को नुकसान पहुंचाया। खराब मौसम और बारिश ने बचाव कार्य को और जटिल बना दिया है।

मौसम विभाग ने दी आगे की चेतावनी

मौसम विभाग ने हिमाचल में और बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने पर्यटकों को नदी-नालों और निचले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। NDRF और अन्य टीमें प्रभावित लोगों की मदद के लिए दिन-रात काम कर रही हैं।

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