Shubhanshu Shukla in Space (वाशिंगटन): भारत के लिए 41 साल बाद फिर एक ऐतिहासिक क्षण आया है। अंतरिक्ष में एक बार फिर तिरंगा लहराया गया है। भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से देशवासियों को एक सीधा और खास संदेश भेजा है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को देशवासियों के साथ साझा किया है।
शुभांशु ने भेजा ये संदेश
शुभांशु शुक्ला इस समय स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान के ज़रिए ISS में मौजूद हैं और उन्होंने अंतरिक्ष से भारत को संबोधित करते हुए कहा, “यह एक छोटा कदम है, लेकिन भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की दिशा में एक स्थिर और ठोस कदम है।”उनके इस संदेश को सुनकर पूरे देश में गर्व की लहर दौड़ गई। यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO और अमेरिकी कंपनी SpaceX के सहयोग से संपन्न हुआ है और यह भारत के मानव अंतरिक्ष अभियानों के भविष्य के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।
‘अंतरिक्ष में तिरंगे के साथ खास पल
शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष से हाथ में तिरंगा थामे हुए कहा, “अंतरिक्ष से नमस्कार! यह अनुभव अविश्वसनीय है। मैं हर भारतीय के गर्व को यहां महसूस कर सकता हूं।” उनके साथ मौजूद अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने भी भारत की इस उपलब्धि पर बधाई दी।
अंतरिक्ष में जीवन की नई सीख
शुभांशु ने अपने संदेश में यह भी कहा कि वे वहां हर दिन नए अनुभव से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अंतरिक्ष में चहलकदमी करना, खाना-पीना, और शारीरिक संतुलन बनाए रखना — यह सब कुछ मैं एक बच्चे की तरह सीख रहा हूं। यह चुनौतीपूर्ण है, लेकिन रोमांचक भी।”
भारत की नई उड़ान
भारत ने अंतिम बार 1984 में राकेश शर्मा को अंतरिक्ष में भेजा था। उनके बाद शुभांशु शुक्ला ऐसे पहले भारतीय हैं, जिन्होंने अंतरिक्ष में कदम रखा है। यह मिशन ‘गगनयान’ कार्यक्रम के लिए आधार तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहा है। सरकार और ISRO ने इस उपलब्धि को भारत के अंतरिक्ष इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने वाली घटना बताया है।