Gulab Chand on Emergency: पूरे देश में केंद्र सरकार आज 25 जून को लोकतंत्र के काले दिन के रूप में मना रही है। इस अवसर पर बुधवार को चंडीगढ़ के टैगोर थियेटर में ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम मनाया गया। इसमें पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया भी मौजूद रहे । इस दौरान उन्होंने 1975 के आपातकाल को ‘लोकतंत्र की हत्या दिवस’ करार देते हुए तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा।
कटारिया ने कहा कि आपातकाल में लोकतंत्र को कुचल दिया गया और कांग्रेस की आलोचना करने वालों को जेल में डाल दिया गया।BJP के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व गृह मंत्री कटारिया ने अपने संबोधन में कहा, “कांग्रेस लोकतंत्र की बात करती है, लेकिन 1975 में उसने लोकतंत्र का गला घोंटा। पिछले 50 सालों से देश इसे लोकतंत्र हत्या दिवस के रूप में याद करता है।”
आपातकाल में निर्दोषों को मिली सज़ा
उन्होंने बताया कि आपातकाल में निर्दोष लोगों को हथकड़ियों और रस्सियों में बांधकर कोर्ट ले जाया जाता था। सर्दियों में कैदियों को सिर्फ एक कंबल दिया जाता था, और उनके परिवारों को भी प्रताड़ना झेलनी पड़ी। कटारिया ने युवा पीढ़ी से आपातकाल के काले दौर को समझने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “नौजवानों को उस समय की सच्चाई जाननी चाहिए, जब स्वतंत्रता छीन ली गई थी।” अपने निजी अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वे भी आपातकाल में जेल गए और भूमिगत रहे।
बलिदानियों को दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में कटारिया ने उन लोगों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए आपातकाल में संघर्ष किया और बलिदान दिया। उन्होंने इसे भारतीय इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया। 31 जुलाई 2024 से पंजाब के गवर्नर के रूप में कार्यरत कटारिया के इस बयान ने पंजाब और राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है।