PM Modi congratulate President Murmu: (नई दिल्ली): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को उनके 67वें जन्मदिन के अवसर पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू का जीवन देशभर के करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनके नेतृत्व ने देश में सामाजिक समावेश और न्याय की भावना को और मजबूत किया है।
प्रेरणा देने वाला जीवन
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में लिखा राष्ट्रपति जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उनका जीवन और नेतृत्व देश भर में करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है। जनसेवा, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता सभी के लिए आशा की किरण है। प्रधानमंत्री ने उनके लंबे, स्वस्थ और सफल जीवन की कामना करते हुए यह भी कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू ने सदैव समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर आदिवासी और वंचित समुदायों के अधिकारों के लिए कार्य किया है।
छोटे से गांव से राष्ट्रपति भवन तक
द्रौपदी मुर्मू का जन्म ओडिशा के मयूरभंज जिले के एक आदिवासी संथाल परिवार में हुआ था। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने शिक्षा प्राप्त की और बाद में सरकारी स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्य किया। कठिनाइयों से भरे जीवन ने उन्हें दृढ़ और कर्मठ बनाया। उनका शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सेवा के बल पर उन्होंने एक लंबा सफर तय किया।
राजनीतिक सफर की शुरुआत
राष्ट्रपति मुर्मू ने 1997 में राजनीति में प्रवेश किया और 2000 में ओडिशा विधानसभा की सदस्य बनीं। वे भाजपा से जुड़ीं और राज्य सरकार में मंत्री पद पर भी रहीं। ईमानदारी और सादगी के कारण वे जनता के बीच लोकप्रिय रहीं। बाद में उन्हें झारखंड की राज्यपाल नियुक्त किया गया, जहाँ उन्होंने 2015 से 2021 तक छह वर्षों तक सेवा दी। वे झारखंड की पहली महिला राज्यपाल थीं और उनका कार्यकाल अब तक का सबसे लंबा रहा है।
देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति
राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। वे इस पद तक पहुँचने वाली देश की पहली आदिवासी महिला और दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं। उनका चुनाव भारतीय लोकतंत्र में समावेशिता और विविधता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना गया। उनका निर्वाचन विशेषकर आदिवासी समुदाय, महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए एक बड़ा प्रेरणास्त्रोत रहा है। इससे यह संदेश भी गया कि भारत में हर नागरिक को समान अवसर मिल सकते हैं।
गरिमा और संवैधानिक संतुलन की प्रतीक
राष्ट्रपति बनने के बाद द्रौपदी मुर्मू ने अपने कार्यकाल के दौरान गरिमा, सादगी और संवैधानिक संतुलन का पालन किया है। उन्होंने अनेक सामाजिक और शैक्षणिक संस्थानों का दौरा किया, जनजातीय और ग्रामीण समुदायों के साथ संवाद किया और महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया। उनका व्यवहारिक दृष्टिकोण और संवेदनशीलता राष्ट्रपति पद को मानवीय स्पर्श देती है, जो आम लोगों को जोड़ने में मदद करता है।
देशभर से शुभकामनाओं का सिलसिला
प्रधानमंत्री मोदी के अलावा राष्ट्रपति मुर्मू को अनेक नेताओं, राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, सांसदों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने भी जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया पर भी बधाइयों का सिलसिला देखने को मिला। लोगों ने उनके जीवन संघर्ष, सादगी और सफलता को प्रेरणादायक बताया और उनके स्वास्थ्य व दीर्घायु जीवन की कामना की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जीवन भारत के लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण की सच्ची मिसाल है।