सिवान (बिहार): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के सिवान जिले से राज्य के विकास को नई गति देने वाले 5,900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 28 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में रेल, बिजली, जलापूर्ति, आवास और स्वच्छता जैसी अनेक सुविधाएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य उत्तर बिहार के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना है।
रेलवे क्षेत्र में बड़ी सौगातें
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने वैशाली-देवरिया के बीच नई रेलवे लाइन परियोजना का उद्घाटन किया, जिसकी लागत 400 करोड़ रुपये से अधिक है। इस नई लाइन पर ट्रेन सेवा की शुरुआत भी की गई। साथ ही, उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए पाटलिपुत्र और गोरखपुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। वंदे भारत एक्सप्रेस के इस नए मार्ग से न केवल यात्रियों को तेज और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा, बल्कि इससे क्षेत्रीय व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
‘मेक इन इंडिया’ को वैश्विक मंच पर पहुँचाने की पहल
प्रधानमंत्री मोदी ने मरहोरा रेल कारखाने में निर्मित अत्याधुनिक लोकोमोटिव को भी झंडी दिखाई, जिसे अफ्रीकी देश गिनी को निर्यात किया जाएगा। यह लोकोमोटिव उच्च हॉर्सपावर इंजन, माइक्रोप्रोसेसर आधारित नियंत्रण प्रणाली, एर्गोनोमिक कैब डिज़ाइन और पुनर्योजी ब्रेक जैसी आधुनिक तकनीकों से युक्त है। यह कदम ‘मेक इन इंडिया – मेक फॉर द वर्ल्ड’ के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गंगा की सफाई के लिए ‘नमामि गंगे’ के तहत बड़े कदम
गंगा नदी के संरक्षण और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए प्रधानमंत्री ने नमामि गंगे परियोजना के तहत 1,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले छह नए मलजल शोधन संयंत्रों (एसटीपी) का उद्घाटन किया। इसके साथ ही बिहार के विभिन्न शहरों में जलापूर्ति, स्वच्छता और एसटीपी से संबंधित 3,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी गई।
ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगा नया बल
बिजली आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए प्रधानमंत्री ने बिहार में 500 मेगावाट की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) की आधारशिला रखी। यह सिस्टम मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेतिया, सिवान समेत 15 ग्रिड उपकेंद्रों पर लगाया जाएगा। प्रत्येक उपकेंद्र में 20 से 80 मेगावाट क्षमता की बैटरियां लगाई जाएंगी। यह तकनीक वितरण कंपनियों को महंगी बिजली खरीदने से बचाएगी और जरूरत पड़ने पर पहले से संग्रहीत बिजली को ग्रिड में वापस भेजा जा सकेगा।
आवास योजना के लाभार्थियों को सौगात
प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी (PMAY-Urban) के तहत 53,600 से अधिक लाभार्थियों को पहली किस्त जारी की। इसके अलावा, 6,600 से अधिक परिवारों को उनके तैयार मकानों की चाबियां सौंपी गईं, जिनका गृह प्रवेश समारोह भी इसी अवसर पर हुआ। इस पहल से शहरी गरीबों को पक्के घर का सपना साकार होता दिख रहा है।
राजनीतिक नेतृत्व की मौजूदगी
इस भव्य समारोह में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित कई केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मौके पर कहा, “मोदी जी आज बिहार को ऊर्जा से लेकर निर्यात तक अनेक सौगातें दे रहे हैं, जिससे प्रदेश का भविष्य और उज्ज्वल होगा।”
आत्मनिर्भर बिहार की ओर एक मजबूत कदम
प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटित और शिलान्यास की गई ये परियोजनाएं बिहार की आधारभूत संरचना को सशक्त करने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगी। चाहे वह रेलवे हो, बिजली, जल आपूर्ति या आवास – हर क्षेत्र में विकास की यह श्रृंखला “आत्मनिर्भर बिहार” की दिशा में एक ठोस कदम है।