North-East Flood Update: असम में बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है। ब्रह्मपुत्र, बराक, कोपिली और कुशियारा नदियों का जलस्तर कम होने लगा है। हालांकि, राज्य के 18 जिलों में अभी भी चार लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और राहत कार्य जारी हैं।
बाढ़ का प्रभाव और स्थिति
असम के कई जिलों में बारिश कम हुई है, जिससे नदियों में जलस्तर में कमी आई है। लेकिन धुबरी, धरमतुल, हैलाकांडी और श्री भूमि जैसे इलाकों की नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति गुवाहाटी के रूपनगर इलाके में भूस्खलन के बाद लापता है।
प्रभावित गांव और विस्थापित लोग
राज्य के 18 जिलों के 1,296 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। करीब 40,313 लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं, जबकि 1,19,001 लोगों को राहत सामग्री वितरण केंद्रों के माध्यम से सहायता मिली है। 16,558 हेक्टेयर कृषि भूमि और लगभग 3 लाख पशुधन बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
मुख्यमंत्री का दौरा और राहत प्रयास
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बराक घाटी का हाल-ए-हाल लेने के लिए एक सप्ताह में दूसरी बार दौरा किया। उन्होंने प्रभावित लोगों को पुनर्वास अनुदान का भरोसा दिया और कहा कि दुर्गा पूजा से पहले क्षतिग्रस्त सड़कों और बुनियादी ढांचे की मरम्मत की जाएगी।
वन्यजीव संरक्षण पर बाढ़ का असर
ब्राह्मपुत्र में आई बाढ़ से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का बड़ा हिस्सा जलमग्न है। पोबितोरा अभयारण्य का लगभग 70% हिस्सा भी प्रभावित हुआ है। वन्यजीवों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है और वन विभाग की टीम स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। असम की यह आपदा अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है लेकिन बाढ़ की स्थिति अब नियंत्रण में आने लगी है प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्वास कार्य जारी है। सरकार और प्रशासन हर संभव मदद के लिए तत्पर हैं ताकि प्रभावित लोग जल्द सामान्य जीवन लौट सकें।