BRICS SUMMIT 2026: नई दिल्ली में आयोजित BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक साथ नजर आए। तीनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीर ने वैश्विक राजनीति में खास चर्चा खींची है। एक ही फ्रेम में तीनों नेताओं की मौजूदगी और उनके बीच दिखी गर्मजोशी को बदलते वैश्विक शक्ति समीकरणों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
तस्वीर में पीएम मोदी शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन का हाथ पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य ऐसे समय सामने आया है, जब युद्ध और उसके प्रभावों को लेकर दुनिया के कई हिस्सों में चिंता बनी हुई है। भारत, रूस और चीन BRICS के प्रमुख सदस्य हैं और इन तीनों देशों के बीच संबंधों पर वैश्विक स्तर पर लगातार नजर रहती है।
पीएम मोदी ने एक्स पर शेयर की तस्वीर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तीनों नेताओं की इस तस्वीर को अपने एक्स हैंडल पर साझा किया। तस्वीर में नजर आ रही तीनों नेताओं की केमिस्ट्री को वैश्विक राजनीति में उभर रहे नए शक्ति समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले 2025 में तियानजिन में हुए SCO समिट के दौरान भी पीएम मोदी की पुतिन और शी जिनपिंग के साथ ऐसी ही तस्वीर सामने आई थी। BRICS समिट की मौजूदा तस्वीर ने उस मुलाकात की याद भी ताजा कर दी।
भारत, रूस और चीन तीनों की वैश्विक स्तर पर अलग-अलग ताकत है। रूस ऊर्जा और सैन्य शक्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण है। चीन दुनिया की प्रमुख आर्थिक और मैन्युफैक्चरिंग ताकतों में शामिल है, जबकि भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ डिजिटल और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपना वैश्विक प्रभाव बढ़ा रहा है।
BRICS सम्मेलन में साझा घोषणापत्र जारी
BRICS सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच आम सहमति से साझा घोषणापत्र भी जारी किया गया। दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के पहले दिन की बैठक खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणापत्र को स्वीकार किए जाने की घोषणा की। घोषणापत्र के मसौदे को अंतिम रूप देने को लेकर आखिरी समय तक बातचीत चलती रही। शुरुआत में ईरान और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE की ओर से भी अपने रुख को लेकर सख्ती दिखाई गई थी।
PM मोदी बोले- पुरानी संस्थाओं से नहीं चल सकती बदलती दुनिया
समापन टिप्पणी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बदलती दुनिया को पुरानी पड़ चुकी संस्थाओं के जरिए नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और नियम बनाने की प्रक्रिया में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि BRICS देशों ने इस बात पर जोर दिया है कि ग्लोबल साउथ को भविष्य की तकनीकों के विकास के साथ-साथ उन्हें संचालित करने वाले नियमों को तय करने में भी समान भागीदारी मिलनी चाहिए।