Delhi CM Rekha Gupta: दिल्ली के प्रमुख चिकित्सा संस्थान एम्स (AIIMS) दिल्ली में अब इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके साथ आने वाले तीमारदारों को इंतजार के दौरान और अधिक सहूलियत मिलेगी। बुधवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एम्स परिसर में बनाए गए नए वेटिंग हॉल का उद्घाटन किया। यह सुविधा खासकर उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जो लंबी प्रतीक्षा के दौरान बैठने और आराम करने की जगह की कमी से परेशान रहते थे। इस वेटिंग हॉल का निर्माण देश के प्रसिद्ध औद्योगिक समूह धानुका ग्रुप द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत कराया गया है। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने धानुका ग्रुप के इस योगदान की सराहना करते हुए कहा, “सरकार और समाज जब एक साथ काम करते हैं, तभी विकसित भारत और विकसित दिल्ली का सपना साकार होता है।
देश का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान
रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि एम्स दिल्ली देश का सबसे प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान है जहां हर साल लगभग 5 लाख ओपीडी मरीज इलाज के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर मरीजों की आमद के चलते यहां बुनियादी सुविधाओं का विस्तार आवश्यक था। उन्होंने यह भी बताया कि 2014 से पहले एम्स में काफी अव्यवस्था थी लेकिन पिछले 10 वर्षों में सुधार की दिशा में कई ठोस कदम उठाए गए हैं जिनका असर अब स्पष्ट दिखाई देता है।
मरीजों और तीमारदारों के लिए राहत
नया वेटिंग हॉल उन हजारों मरीजों और परिजनों के लिए राहत लेकर आया है, जो अस्पताल में घंटों इंतजार करते हैं। अब उन्हें खुले में बैठने या जमीन पर बैठने की मजबूरी नहीं होगी। वेटिंग हॉल में आरामदायक बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ जल, हवादार और स्वच्छ वातावरण, और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे ना केवल मरीजों को आराम मिलेगा, बल्कि अस्पताल की भीड़भाड़ भी नियंत्रित होगी।
CSR की भूमिका को मिला प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने CSR के तहत किए जा रहे कार्यों की तारीफ करते हुए इसे “सार्थक साझेदारी का उदाहरण” बताया। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी पहलें न केवल सरकार के प्रयासों को मजबूती देती हैं बल्कि समाज में सहभागिता की भावना को भी बढ़ावा देती हैं। धानुका ग्रुप के प्रतिनिधियों ने भी इस अवसर पर अपनी प्रतिबद्धता जताई कि वे आगे भी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में जनहितकारी कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह वेटिंग हॉल केवल एक इमारत नहीं है बल्कि यह उन लाखों लोगों के लिए एक सहारा है जो एम्स की ओर जीवन की उम्मीद लेकर आते हैं। एम्स दिल्ली में शुरू किया गया यह वेटिंग हॉल न केवल मरीजों और उनके परिजनों के लिए राहत की सांस है बल्कि यह एक उदाहरण भी है कि कैसे सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर स्वास्थ्य सेवा को और अधिक मानवीय और प्रभावी बना सकते हैं। यह पहल निस्संदेह आने वाले वर्षों में अन्य संस्थानों के लिए भी एक मॉडल प्रोजेक्ट बन सकती है।