Parliament Budget Session: संसद के चालू बजट सत्र का आज आठवां दिन है। आज भी दोनों सदनों में आम बजट 2025-26 पर चर्चा जारी है। राज्यसभा में कार्यवाही का समय दो घंटे के लिए बढ़ा दिया गया है। लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पर हुई चर्चा का जवाब दे रही हैं। इस दौरान वित्त मंत्री ने कृषि से लेकर ग्रामीण और शिक्षा-स्वास्थ्य के लिए आवंटन के आंकड़े गिनाते हुए कहा कि हमने किसी भी जरूरी कैपिटल एक्सपेंडिचर में कोई कमी नहीं की है।
इनमें केंद्र की योजनाओं के साथ ही वित्त आयोग का पैसा भी शामिल है। यह पिछले साल के बजट में आवंटित राशि से अधिक है। उन्होंने पुराने आंकड़ों का जिक्र कर कहा कि इसमें भी लगातार वृद्धि हुई है। पिछले पांच-छह साल से हमने एक प्रक्रिया सेट की है। उन्होंने 2008-09 की आर्थिक मंदी और कोविड काल का जिक्र कर कहा कि हम अर्थव्यवस्था को दुनिया की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था तक लेकर आए हैं।
आगे वित्त मंत्री ने राज्यों को 50 साल के लिए इंट्रेस्ट फ्री लोन दिए जाने जैसे कदम गिनाते हुए कहा कि हम उनको सपोर्ट करने के लिए पैसे दे रहे हैं। सिंगल नोडल एजेंसी मॉडल का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसके तहत टैक्स पेयर्स का पैसा सीधे डिस्बर्स किया जाता है। राज्यों के स्तर पर कदम उठाए जाने की जरूरत है।
वित्त मंत्री ने वैश्विक अनिश्चितताओं और मिडिल ईस्ट से लेकर यूक्रेन युद्ध का जिक्र किया और कहा कि ऐसे अनिश्चितताओं के वातावरण में ये बजट आया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया को विकसित भारत बनाने की चुनौतियों को संबोधित किया गया है। इस बजट का उद्देश्य इंक्लूसिव डेवलपमेंट के साथ ही अन्नदाता, गरीब, नारी और युवा को फोकस किया गया है।
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100 कम उत्पादकता वाले जिलों पर फोकस
वित्त मंत्री ने कहा कि पीएम धन-धान्य कृषि योजना के तहत सौ कम उत्पादकता वाले जिलों पर फोकस किया जाएगा। उन्होंने दलहन में आत्मनिर्भरता से लेकर फल और सब्जियों का भी जिक्र किया और कहा कि भारत दाल और भारत चना दाल, भारत आटा, भारत चावल, प्याज की बिक्री के आंकड़े भी सदन में गिनाए। वित्त मंत्री ने रुपए की कीमतों में लगातार गिरावट को लेकर कहा कि इसमें कई फैक्टर काम करते हैं। दुनियाभर के देशों की करेंसी गिरी है, इंडोनेशिया से लेकर जी-10 करेंसी, जापानी येन, ब्रिटिश पाउंड, यूरो तक की कीमतें डॉलर के मुकाबले गिरी हैं।