Budget Session: 10 साल में पहली बार कोई विदेशी हस्तक्षेप नहीं, सत्र से पहले पीएम मोदी का विपक्ष पर निशाना

Budget Session PM Narendra Modi: संसद के बजट सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सदन के बाहर कहा कि साल 2014 के बाद शायद यह पहला सत्र है जब (विदेशी हस्तक्षेप नहीं हुआ) कोई विदेशी चिंगारी नहीं फूटी। मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि, आपने देखा होगा, शायद यह पहला बजट सत्र है, जिसके एक-दो दिन पहले कोई विदेशी ताकतों का हस्तक्षेप नहीं देखा गया। मैंने हर बजट सत्र से पहले देखा था कि हमारे देश में कई लोग इन चिंगारियों को हवा देने में कोई सलर नहीं छोड़ते थे।

बजट सत्र से पहले मां लक्ष्मी की आराधना से संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह देवी लक्ष्मी से प्रार्थना करते हैं कि वे गरीबों और मध्यम वर्ग पर कृपा बरसाएं। उन्‍होंने कहा, मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि यह बजट सत्र ‘विकसित भारत’ के हमारे लक्ष्य को प्राप्त करने में नया आत्मविश्वास, ऊर्जा का संचार करेगा। इस सत्र में हमेशा कि तरह कई ऐतिहासिक बिल पर सदन में चर्चा होगी और व्यापक मंथन के साथ वो राष्ट्र की ताकत बढ़ाने वाला कानून बनेंगे। विशेष कर नारीशक्ति के गौरव को फिर से स्थापित किया जाएगा।

इस दौरान पीएम मोदी ने विकसित भारत का जिक्र करते हुए कहा, ऐसे अवसर पर सदियों से हमारे यहां मां लक्ष्मी का स्मरण किया जाता है। मां लक्ष्मी हमें सिद्धी और विवेक देती है। समृद्धि और कल्याण भी देती है। मैं मां लक्ष्मी से प्रार्थना करता हूं कि देश के हर गरीब एवं मध्यम वर्ग समुदाय पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा रहे।

बजट नया विश्वास पैदा करेगा- पीएम

साथियों हमारे गणतंत्र के 75 वर्ष पूरे हुए हैं और ये हर देशवासियों के लिए सर्वाधिक गौरवपूर्ण है। ये देश की जनता ने मुझे तीसरी बार ये दायित्व दिया है और तीसरे कार्यकाल का यह पहला पूर्ण बजट है और मैं विश्वास से कह सकता हूं कि 2047 जब आजादी के 100 साल होंगे, विकसित भारत का संकल्प जो देश ने लिया है। ये बजट एक नया विश्वास पैदा करेगा, नई ऊर्जा देगा।

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पीएम मोदी ने कहा, इनोवेशन, समावेश और निवेश लगातार हमारी आर्थिक गतिविधि के रोडमैप का आधार रहे हैं। इस सत्र में हमेशा की तरह कईं ऐतिहासिक बिल पर सदन में चर्चा होगी और व्यापक मंथन के साथ वो राष्ट्र की ताकत बढ़ाने वाले कानून बनेंगे। विशेषकर नारीशक्ति के गौरव को फिर से प्रस्थापित करना, पंथ-संप्रदाय के भेद से मुक्त होकर हर नारी को सम्मानपूर्ण जीवन और समान अधिकार मिले, इस दिशा में इस सत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।

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