India Cricket Team BCCI: भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में शर्मनाक हार मिली और हार के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) सख्त हो गया है। बीसीसीआई ने खेल फोकस और टीम बॉन्डिंग को लेकर नए नियम लागू किए हैं। टीम इंडिया जब भी विदेशी दौरे पर जाएगी तो वह टीम बस में ही सफर करेगी। अगर 45 दिन या इससे ज्यादा का टूर होगा तो खिलाड़ी परिवार और पत्नियों को 14 दिन साथ में रख सकेंगे, इससे ज्यादा नहीं।
ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 3-1 हार के बाद बीसीसीआई ने कुछ नए नियम लागू किए हैं। इसका मकसद टीम के बीच बॉन्डिंग को बढ़ाना और खेल पर फोकस करना है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई में सालाना जनरल मीटिंग के दौरान बीसीसीआई ने इन फैसलों पर विचार किया है।
बता दें कि, हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम के कई सीनियर खिलाड़ी अपनी गाड़ी से सफर करते नजर आए थे और पूरे टूर पर विराट कोहली और केएल राहुल जैसे खिलाड़ियों का परिवार साथ में था। वहीं, कोच गौतम गंभीर के मैनेजर गौरव अरोड़ा टीम इंडिया के साथ ट्रैवल करते नजर आ रहे थे। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था।
बीसीसीआई ने इसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया है। अब अरोड़ा को टीम होटल में नहीं रहने दिया जाएगा। वे वीआईपी बॉक्स में भी नहीं बैठ पाएंगे। उन्हें टीम बस से सफर करने की भी इजाजत नहीं दी गई है। बोर्ड ने यह फैसला अनुशासनहीनता को देखते हुए लिया है। बताया जा रहा है कि, बोर्ड अब खिलाड़ियों की सैलरी काटने पर विचार कर रहा है।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, खराब प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और अगर उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं होता है, तो उन्हें सैलरी में कटौती का सामना करना होगा। हालांकि, अभी इस बारे में आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या वाकई में ऐसा होता है या नहीं।
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गौरतलब है कि, यह कुछ वैसा ही होगा जैसे बीसीसीआई ने पिछले साल टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए इन्सेन्टिव स्कीम का ऐलान किया था। इस स्कीम के अनुसार अगर कोई खिलाड़ी सीजन के 50 प्रतिशत टेस्ट प्लेइंग इलेवन का हिस्सा रहता है, तो उसे हर मैच के अनुसार, 30 लाख रुपए का इन्सेन्टिव दिया जाएगा।