UP: विधानसभा में पेश किया गया अनुपूरक बजट, 790 करोड़ के नए प्रस्ताव, जानें क्या होता है अनुपूरक बजट

UP Assembly Supplementary Budget 2024: उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अनुपूरक बजट पेश किया है। यह योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा अनुपूरक बजट है। इस बजट का आकार 17865 करोड़ रुपए रखा गया है।  इसमें 790 करोड़ रुपए के नए प्रस्ताव जोड़े गए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि योगी सरकार ने हर स्तर पर वित्तीय अनुशासन मेंटेन किया है। जहां जैसी जरूरत होती उसके अनुसार खर्च होता है। बीजेपी सरकार का एजेंडा मात्र विकास है। हम प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उत्तर प्रदेश में विकास का पहिया तेजी से आगे बढ़ रहा है। अनुपूरक बजट तो आना ही है। कुंभ के लिए अलग से बजट रखा गया है और कुंभ दुनिया का सबसे बड़ा इवेंट है। यूनेस्को ने इसे मानवता की मूर्ति धरोहर बताया है। बजट पूरे विकास पर रहेगा। बजट को लेकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विपक्ष का काम विरोध करना है और सरकार का काम निरंतर विकास करना है।

विपक्ष के विरोध के बीच विकास का काम नहीं रूकेगा। आज अनुपूरक बजट आ रहा है इसके बाद विकास की गति और बढ़ेगी। प्रदेश का हर नागरिक योगी सरकार के काम को जानता है। इस सरकार में बिना किसी भेदभाव के सभी का समान विकास किया है। कैबिनेट में मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि विकास के लिए धन की जरूरत होती है।

विभिन्न विभागों में जो धन की आवश्यकता है उसके लिए सभी विभागों के लिए अनुपूरक बजट आ रहा है। प्रदेश की जनता के सामने विकास को लेकर जो सरकार ने वादा किया है उस मुद्दे पर ये बजट है। हमारी सरकार हर वादे को पूरा करने जा रही है। हमारी सरकार का एक मात्र लक्ष्य प्रदेश को विकसित बनाना है।

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कानून-व्यवस्था होगी मजबूत- ब्रजेश पाठक

वहीं, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि, अनुपूरक बजट के माध्यम से हम सदन में आएंगे। ये बजट प्रदेश के आधारभूत संरचना को मजबूती देगा। महाकुंभ को और बेहतर बनाने वाला होगा। कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। हम हर स्थिति से प्रदेश को विकास के मोर्चे पर लाने के लिए काम कर रहे हैं।

क्या होता है अनुपूरक बजट

दरअसल, अनुपूरक बजट एक ऐसा वित्तीय दस्तावेज है जिसे सरकार किसी वित्तीय वर्ष के दौरान पेश करती है। जब उसे अपने पहले से स्वीकृत बजट में अतिरिक्त खर्च की आवश्यकता होती है। यह बजट उन खर्चों को कवर करने के लिए पेश किया जाता है, जिनको अनुमानित बजट में शामिल नहीं किया गया था, या जो नई परिस्थितियों के कारण आवश्यक हो गए हैं। यह बजट वित्त वर्ष के बीच में किसी विभाग या मंत्रालय की किसी योजना में अतिरिक्त राशि खर्च करने के लिए लाया जाता है। यह खर्च के अनुमान के साथ पेश किया जाता है।

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