Parliament Winter Session: संसद के शीतकालीन सत्र में आज ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ विधेयक पास हो गया है। केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस विधेयक को सदन के पटल पर रखा है। इस बिल को ‘संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024’ नाम दिया गया है। सरकार इस बिल को पेश करने के बाद संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) के पास भेजने की सिफारिश करने जा रही है। बीजेपी ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया था। आज बीजेपी के साथ-साथ एनडीए के सभी सांसद संसद में मौजूद हैं।
एनडीए का हिस्सा नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी ने इस बिल का समर्थन किया है। वहीं, वाईएसआरसीपी ने भी वन नेशन वन इलेक्शन का समर्थन किया है। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने इस विधेयक को समर्थन देने की बात कही है।
मुख्य विपक्षी दल, टीएमसी, कांग्रेस और सपा ने इस बिल का विरोध किया है। यह सभी दल बिल को लेकर केन्द्र सरकार पर हमलावर हैं। कांग्रेस का कहना है कि यह बिल असंवैधानिक है और ये संविधान बदलने का बिगुल है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने इस विधेयक पर कहा कि बीजेपी देश में संघ का विधान लाना चाहती है और यह विधेयक पूरी तरह से संविधान के खिलाफ हैं।
कांग्रेस ने बुलाई बैठक
इससे पहले कांग्रेस ने आज सुबह कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) कार्यालय में सांसदों की बहुत जरूरी बैठक बुलाई थी जिसमें विधेयक को लेकर चर्चा की गई थी और सभी सांसदों को संसद में मौजूद रहने के लिए कहा गया था। कांग्रेस ने सांसदों के लिए तीन लाइन का व्हिप भी जारी किया था। कांग्रेस सांसद इस विधेयक का विरोध भी कर रहे हैं।
शिवसेना (उद्धव गुट) ने भी इस विधेयक का खुला विरोध किया है। शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी का कहना है कि यह विधेयक सीधे संविधान पर हमला है। बीजेपी सत्ता को हासिल करना चाहती है। यह चुनाव प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। इसके अलावा जेएमएम, पीडीपी और तमिलनाडु इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं।
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