Sambhal Violence: संभल हिंसा भड़काने के मामले में सपा सांसद जियाउर्रहमान और विधायक के बेटे पर केस दर्ज, पुलिस की धरपकड़ जारी

Sambhal Violence Update: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में रविवार को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़काने वालों पर पुलिस ने कड़ा एक्शन लेना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क और स्थानीय सांसद सोहेल इकबाल के बेटे पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इन नेतओं पर आरोप है कि सर्वे के दौरान इन्होंने मस्जिद के बाहर सुनियोजित तरीके से भीड़ को इकट्ठा कर उकसाने का काम किया। जिसके बाद जनता उग्र होकर हिंसा पर उतर आई।

जिला अदालत के आदेश पर जामा मस्जिद में शांतिपूर्ण तरीके से सर्वे का काम चल रहा था। अचानक से सर्वे के दौरान मस्जिद के बाहर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई और नारेबाजी करने लगी। इसके बाद जब पुलिस ने इलाके को खाली कराना चाहा तो पुलिस पर पथराव कर दिया और वाहनों में आगजनी की गई। भीड़ तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आसू गैस के गोले दागे। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई।

शहर के हालात को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पुलिस को तैनात किया है। यहां मुरादाबाद रेंज के 30 पुलिस स्टेशनों की पुलिस लगाई गई। इसके अलावा पूरे इलाके में इंटरनेट सेवाएं बाधित कर दी गई, जिससे किसी भी प्रकार की कोई अफवाह ने फैल सके। जिले के 12वीं तक के स्कूलों की छुट्टी 25 नवंबर तक कर दी गई। पुलिस की कार्रवाई में अब तक 2 महिलाओं समेत 21 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस दौरान कई अवैध हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।

मुरादाबाद संभाग के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह का कहना है कि, मस्जिद में सर्वे कार्य शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन मस्दिद के बाहर अचानक से लोग आए और नारेबाजी करने लगे। भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। भीड़ ने लोगों को हिंसा में शामिल होने के लिए लोगों को उकसाया गया, जिनका मकसद माहौल को खराब करना था। उपद्रवी धीरे-धीरे हिंसक होते गए और पुलिस को निशाना बनाना शुरू कर दिया।

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भीम आर्मी चीफ का ऐलान

संभल जिले में हिंसा के बाद पुलिस प्रशासन ने बाहरी लोगों की एंट्री पर एक दिसंबर तक बैन लगा दिया है। हालांकि, इस दौरान भीम आर्मी प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर ने ऐलान किया है वह संभल जाएंगे और मृतकों के परिजनों से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि हर बार सरकार के इशारे पर पुलिस ने निहत्थे आंदोलनकारियों पर सीधी गोली मारी है। जिससे चार नौजवानों की मौत हो गई। मैं घायल पुलिसकर्मियों से भी मिलूंगा, इस पूरी हिंसा की सच्चाई को देश के सामने लाने का प्रयास करूंगा। प्रदेश सरकार अपनी तानाशाही दिखा रही है।

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