Delhi Air Pollution: देश की राष्ट्रीय राजधानी इस समय गंभीर वायु प्रदूषण की समस्या का सामना कर रही है। देशभर में मौसम बदल रहा है और तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। दिल्ली-एनसीआर का आसमान इस फॉग और स्मॉग से धुंआ-धुंआ है। जनता इस जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर है। सड़कों पर विजिबिलिटी शून्य रिकॉर्ड की जा रही है और ट्रैफिक धीमा पड़ रहा है। वाहन जाम के झाम में फंस रहे हैं।
हर साल दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए कागजों पर बड़े-बड़े ऐलान उकेरे जाते हैं लेकिन धरातल पर असर इसके विपरीत होता है। नवबंर माह में समस्या जस की तस बन जाती है। वायु प्रदूषण को लेकर दिवाली के पटाखे और पराली को जिम्मेदार ठहराया जाता है। हालांकि, केन्द्रीय प्रदूषण बोर्ड ने पराली जलाने की प्रदूषण में भूमिका 8 फीसदी बताई है।
बीते 24 घंटों में दिल्ली में प्रदूषण की समस्या गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। गुरुवार सुबह जहांगीरपुरी इलाके में AQI 606 के स्तर तक पहुंच गया है। जिसे बेहद गंभीर श्रेणी माना जाता है। राजधानी की हवा बेहद जहरीली हो चुकी है। लोग लगातार इस दमघोंटू हवा में बीमार हो रहे हैं। 32 में से 14 स्टेशनों का एक्यूआई 450 के पार हो गया है।
कागजी ऐलान, समस्या जस की तस
ऐसा नहीं है कि राजधानी में प्रदूषण की समस्या से निजात पाने के लिए प्लान नहीं बनाए जाते, बनाए जाते हैं और बड़े-बड़े कागजी ऐलान किए जाते हैं। अनूठों प्लानों को धरातल पर उतारा नहीं जाता है। इसके लिए सरकार से लेकर सिस्टम तक जिम्मेदार है।
पुरानी गाड़ियों को जब्त करने के लिए पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन कैमरा सिस्टम से लेकर आर्टिफिशियल बारिश तक के ऐलान किए गए। लेकिन ग्राउंड पर व्यवस्थाओं में सुधार देखने को नहीं मिल रहा है।
दिल्ली में पुराने BS-III और BS-II मॉडल के वाहनों पर बैन लगाया गया है। इन वाहनों को दिल्ली की सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं है। दिल्ली सरकार अक्सर आसपास के राज्यों से ऐसे वाहनों की एंट्री होने का आरोप लगाती आ रही है।
दिल्ली में BS-III और BS-II वाहनों की आधी से ज्यादा संख्या है। यानी कुल 60.14 वाहन ऐसे हैं। दिल्ली में सितंबर 2024 तक सिर्फ 2,310 पुराने वाहन जब्त किए गए। जबकि 2023 में 22,397 वाहन जब्त किए गए थे। यह आंकड़े बताते हैं कि इस साल कार्रवाई को पहले की तरह सख्ती से अंजाम नहीं दिया गया है।
वाहनों का जहरीला धुंआ
दरअसल, वाहनों से कार्बन डाइऑक्साइड के अलावा नाइट्रस ऑक्साइड और मेथेन गैस भी उत्सर्जित होती है। धुएं में कार्बन मोनोऑक्साइड, धुआं पैदा करने वाले वाष्पशील कार्बनिक यौगिक, नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, फॉर्मेल्डिहाइड और बेंजीन जैसे विषैले प्रदूषक भी होते हैं। जो हवा को जहरीला बनाते हैं।