Jammu Kashmir Chunav 2024: जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में पहले चरण का मतदान बुधवार 18 सितंबर को होने जा रहा है। पहले चरण में 24 सीटों पर होने वाले मतदान के लिए चुनावी शोर आज शाम थम जाएगा। इसके बाद दूसरा चरण 25 सितंबर और तीसरा आखिरी चरण में मतदान 5 अक्टूबर को किया जाएगा। इस चुनाव में बीजेपी, पीडीपी और कांग्रेस नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन मुख्य तौर पर लड़ाई में हैं। इसके अलावा निर्दलीय और कुछ सीटों पर क्षेत्रीय दल भी अपना दम दिखा रहे हैं।
शनिवार को डोडा में हुई बीजेपी की रैली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर को लेकर अपनी मंशा साफ कर दी थी। उन्होनें कहा था कि पहली बार भारत के संविधान के तहत घाटी में चुनाव हो रहा है। बीजेपी घाटी को आतंकवाद मुक्त कर देश की मुख्यधारा से जोड़ना चाहती है। जम्मू-कश्मीर में अब पत्थरबाजी और आतंकवाद की कोई जगह नहीं है। आतंकवाद यहां पर अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है।
विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा था कि तीन परिवारों की वजह से भारत माता का मस्तक जम्मू-कश्मीर बर्बाद हुआ है। यह चुनाव नौजवानों और तीन खानदानों के बीच है। विपक्षी दलों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता है लेकिन जण्मू-कश्मीर के विकास की कोई चिंता नहीं है। बीते 10 सालों के आधारभूत ढांचे के विकास के विस्तार के प्रयास से ही पहली संविधान के तहत घाटी में चुनाव हो रहा है।
अनुच्छेध 370 के हटने के बाद घाटी में अमूलचल परिवर्तन देखने को मिल रहा है। अब जम्मू-कश्मीर आतंकवाद मुक्त होकर देश के बाकी राज्यों की तरह विकसित प्रदेश बनने जा रहा है। देश के विकास में घाटी अब विकास की नई इबारत लिखेगी। विपक्ष ने हमेशा बाबा साहेब के संविधान की आत्मा को नोचने का काम किया है। आज संविधान का दिखावा करने के लिए विपक्ष के लोग अपनी जेब में संविधान लेकर घूम रहे हैं।
सियासी दलों ने क्या-क्या किए वादे
बीजेपी ने 10 दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए अपना संकल्प पत्र जारी किया है। इसमें महिलाओं, युवाओं, कश्मीरी पंडितों और आतंकवाद के खात्मे पर केंद्रित 25 वादे शामिल हैं। महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, कश्मीरी पंडितों का पुनर्वास, किसानों के लिए बिजली दरों में कटौती और बुनियादी ढांचे का विकास शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, अनुच्छेद 370 अतीत की बात हो गई है और अब वापस नहीं आएगा। राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। इस पर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।
कांग्रेस ने दी सात गारंटी….
जम्मू कश्मीर चुनाव को लेकर कांग्रेस ने सात गारंटी दी हैं। इनमें महिला सम्मान, हमारा हक। अच्छी सेहत, हमारा हक। ओबीसी का हक। कश्मीरी पंडितों का हक। हमारी नौकरी, हमारा हक। राज्य का दर्जा। हमारा अनाज, हमारा हक दिलाने का भरोसा दिया है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि कांग्रेस का घोषणापत्र तैयार है। पहले चरण के चुनाव से 2 दिन पहले इसकी घोषणा की जाएगी। हमारा घोषणा पत्र ‘जुमलों’ पर आधारित नहीं होगा और हम इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।