Jammu Kashmir Chunav 2024 PM Narendra Modi: जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी दलों ने चुनाव प्रचार तेत कर दिया है। 18 सितंबर को पहले चरण का मतदान होने जा रहा है। आज डोडा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बड़ी रैली को संबोधित किया और विपक्ष को निशाने पर लिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि 42 सालों में पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने डोडा में चुनाव प्रचार किया है। इस बार का चुनाव घाटी के विकास के लिए हो रहा है। यह चुनाव तीन खानदानों और नौजवानों के बीच का चुनाव है।
आज घाटी में आतंकवाद अंतिम सांसें गिन रहा है। विपक्षी दलों को चिंता अपने बच्चों की है लेकिन बीजेपी को चिंता यहां विकास की है। बीते 10 सालों के आधारभूत ढांचे के विकास के विस्तार की कोशिशों की वजह से आज जम्मू-कश्मीर में एक संविधान के तहत चुनाव हो रहा है। विपक्षी दलों ने हमेशा बाबा साहेब के संविधान की आत्मा को नोचने का काम किया है।
अगर विपक्ष को संविधान की इतनी चिंता है कि वह अपनी जेब में रखकर घूम रहा है। जम्मू-कश्मीर में कैसे दो संविधान थे। विपक्ष का झूठ लोकसभा चुनाव में पूरे देश ने देखा है। इन दलों ने पूरे देश को खोखला करने का काम किया है। भीड़ को देख गदगद हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि किश्तवाड, रामबन और डोडा के अलग-अलग इलाकों से आप लोग यहां पहुंचे हैं।
घंटों सफर करने के बाद भी आपने चेहरे पर थकान दिखाई नहीं देती है। आपका प्यार और आशीर्वाद को मैं दोगुनी, तिगुनी मेहनत देश के लिए करके चुकाऊंगा। हम और आप मिलकर आतंक मुक्त, परिवार मुक्त और समृद्ध जम्मू-कश्मीर बनाएंगे। जम्मू-कश्मीर भारत माता का मस्तक है। इसलिए यहां हिंसा और आतंकवाद की कोई जगह नहीं है।
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देश देख रहा विपक्ष के काले कारनामे
प्रधानमंत्री ने कहा, आजकल ये लोग संविधान को अपनी जेब में रखते हैं। ये दिखावा ये अपने काले कारनामों को छिपाने के लिए कर रहे हैं। हकीकत क्या है, ये जम्मू कश्मीर का बच्चा-बच्चा जानता है। इन लोगों ने बाबा साहेब के बनाए संविधान की आत्मा को नोच दिया था। वरना क्या कारण था कि हमारे जम्मू कश्मीर में दो संविधान चलते थे। क्यों यहां के लोगों को वो हक नहीं मिलता था, जो बाकी देश में मिलता था।
क्या कारण है कि यहां हमारे पहाड़ी भाई-बहनों को इतने वर्षों आरक्षण नहीं मिला। जम्मू कश्मीर में ये एससी/एसटी और ओबीसी का नाम तक नहीं लेते थे। आज पूरा देश विपक्ष के काले कारनामों को देख रहा है। कई पीढ़ियां बीतने के बाद बीजेपी ने घाटी में आरक्षण देने का काम किया है। कांग्रेस शासन में तो कुछ लोगों को वोट करने तक का अधिकार नहीं दिया गया था। जबकि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को वोट डालने का अधिकार देते है। आज विपक्ष के लोग संविधान को जेब में लेकर घूमते हैं।