UP Police Constable Exam 2024: उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती को लेकर प्रशासन बेहद सख्त नजर आ रहा है। प्रदेशभर में आज हो रही सिपाही परीक्षा के लिए सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया है। परीक्षा सेंटरों में एंट्री से पहले आवेदकों की कड़ाई से चेकिंग की जा रही है। इस बीच अफवाह फैलाने को लेकर समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री यासर शाह पर एफआईआर दर्ज की गई है।
भर्ती बोर्ड का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम चैनल पर QR code के जरिए फर्जी प्रश्न पत्र के बदले मोटी रकम मांगी जा रही है। इस मामले में शोएब नबी सेफी, हरीश कुमार भगत, डिलाइट इंटरप्राइजेज, मनु कुमार श्रीवास्तव, कपिल जांगिड़, सिद्धार्थ कुमार गुप्ता, यासर शाह समेत 7 लोगों का नाम सामने आया है।
एफआईआर के मुताबिक, यासर शाह ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट से पेपर लीक का असत्य, अपमानजनक पोस्ट किया। गौरतलब है कि सिपाही भार्ती परीक्षा 23, 24, 25, 30 और 31 अगस्त को कुल 10 शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। शनिवार और रविवार को भी प्रदेश के अलग-अलग सेंटरों में परीक्षा आयोजित की जाएगी।
बता दें कि, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने एफआईआर में कहा है कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा इस परीक्षा की शुचिता पर अनावश्यक लांछन लगाए जाने के उद्देश्य से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पेपर लीक हो गया कि अफवाह फैलाते हुए दुष्प्रचार किया था। इन लोगों का मकसद गलत अफवाह फैलाना और भर्ती के अभ्यर्थियों को धोखा देकर फर्जी पेपर के बदले धन की उगाही करना है।
अभ्यर्थियों के साथ धोखाधड़ी एवं छल की कोशिश है और उनके भविष्य को धूमिल करने की कोशिश है। Telegram पर चैनल UPP PAPER LEAK एवं चैनल VENOM पर फर्जी प्रश्नों को वायरल कर QR Code के माध्यम से पैसों की मांग की है। बोर्ड ने कुछ UPI आईडी भी शेयर की है। बता दें, जो QR कोड पुलिस के हाथ लगी है, उसमें शोएब नबी सोफी, हरीश कुमार भगत, मनु कुमार, कपिल और सिद्धार्थ कुमार गुप्ता का नाम शामिल हैं। यासर शाह, सपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं। अब पुलिस आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने जा रही है।