Bangladesh Violence: बांग्लादेश में जारी हिंसा ने उग्र रूप ले लिया है। अभूतपूर्व उथल-पुथल के बीच कई पुलिस स्टेशन वीरान हो गए। राजधानी ढाका में ज्यादातर पुलिस स्टेशन वीरान हुए हैं। हिंसा के समय पुलिस स्टेशन में कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। वह सभी सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। कई लोग निजी सुरक्षा के लिए अपने रिश्तेदारों के यहां रह रहे हैं। उन्मादी भीड़ हिन्दुओं को टारगेट कर रही है। मंदिरों और घरों में आगजनी और तोड़फोड़ की जा रही है।
हाल ही में अपदस्थ अवामी लीग सरकार के करीबी उच्च पदस्थ अधिकारी छिप गए हैं। हिंसा के बीच कई पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि देशभर में 400 से अधिक पुलिस स्टेशनों पर हमले, बर्बरता, आगजनी और लूटपाट हुई है। इस स्थिति में, कोई भी अपने संबंधित स्टेशनों या कार्यालयों में रहना सुरक्षित महसूस नहीं करता है, ऐसे में हर कोई सुरक्षित आश्रय की तलाश कर रहा है।
इसके अलावा, कई जगहों पर जनता के आक्रोश के कारण फंसे पुलिसकर्मियों को सेना की मदद से बचाया गया और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इस बीच एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमवार दोपहर से अब तक जनता के आक्रोश के कारण कम से कम पचास पुलिस कर्मियों की जान चली गई है।
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पुलिस स्टेशनों से लूटे गए हथियार
जानकारी के लिए बता दें कि, जतराबारी, बड्डा, वतारा, मोहम्मदपुर, अदबोर, मीरपुर, पलटन, शाह अली और उत्तर पूर्व सहित विभिन्न पुलिस स्टेशनों पर सोमवार दोपहर से रात तक हमले और लूटपाट की घटनाएं हुईं। कई जगहों पर पुलिस और उत्तेजित भीड़ के बीच भयंकर झड़प हुई। कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने रातोंरात विभिन्न स्टेशनों को खाली कर दिया।
सूत्रों ने ख़बर दी है कि कई थाने खंडहर में तब्दील हो गए हैं। स्टेशनों के अंदर से पंखे, कुर्सियां, मेज और अन्य सामान लूट लिया गया है। कई स्टेशनों से हथियार और गोला-बारूद भी चोरी हो गए हैं। उन्मादी भीड़ हिंसा में इन हथियारों का प्रयोग कर रही है। व्यापक स्तर पर हिन्दू परिवारों को टारगेट किया जा रहा है।
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