West Bengal: नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने लोकसभा के चुनावी परिणाम आने के बाद बड़ा बयान दिया है। शुभेंदु का कहना है कि, बीजेपी नेता कहते हैं कि ‘सबका साथ, सबका विकास’, लेकिन अब हम यह नहीं कहेंगे…अब हम कहेंगे ‘जो हमारे साथ, हम उसके साथ’। बीजेपी को अल्पसंख्यक मोर्चा की भी जरूरत नहीं है।
शुभेंदु अधिकारी का कहना था कि हम जीतेंगे भी, हम हिंदुओं को बचाएंगे और संविधान को बचाएंगे। मैंने राष्ट्रवादी मुसलमानों के बारे में बात की और आप सभी ने नारा भी दिया कि सबका साथ, सबका विकास। उसके बाद शुभेंदु ने दोनों हाथ जोड़े और कहा, अब हम ये सब नहीं कहेंगे। सभागार में शुभेंदु के भाषण पर कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाकर स्वागत किया।
सबका साथ सबका विकास’ पर आपत्ति क्यों? शुभेंदु ने खुद इसे समझाया। उन्होंने कहा, हमें चुनावों में वोट नहीं डालने दिया जाएगा क्योंकि हम हिंदू है। जिहादी सुबह से मेरे घर के सामने बैठे रहेंगे। पुलिस दर्शक दीर्घा में चली जाएगी। हमें तुरंत जाग जाना चाहिए और मैं इस साइंस सिटी में बैठा हूं। 10 किलोमीटर दूर घटकपुर और भांगर में चार हिंदू इलाके हैं। दोनों क्षेत्रों के हिंदुओं को वोट देने की अनुमति नहीं थी।
बदुरिया, हरोआ, कैनिंग वेस्ट में वे डेढ़ लाख वोटों से जीते। बसंती एक्सप्रेस-वे इस्लामाबाद बन गया है। वोटर कार्ड से वोटिंग नहीं होती थी। पर्ची से वोटिंग होती थी। हम बंगाल में लोकतंत्र चाहते हैं। धानेखाली, केशपुर, इंदास, पत्रसायर, शितलाकुची में हिंदुओं को वोट देने की अनुमति नहीं थी। उन्होंने आगे कहा, मैं चुनाव के दिन गुंडों को घर में बंद रखना चाहता हूं।
बंगाल का संविधान खत्म- शुभेंदु अधिकारी
हम चाहते हैं कि केंद्रीय बलों को वोटर कार्ड देखने का अधिकार दिया जाए। मैं राज्यपाल के पास गया और साथ में महामहिम राष्ट्रपति को मेल किया। मैं कहना चाहूंगा कि पश्चिम बंगाल का संविधान खत्म हो गया है और हम संविधान बचाना चाहते हैं। संगठनात्मक कमजोरी, नेतृत्व संकट और उसके बाद वोटों की जिहादी लूट चल रही है।
शुभेंदु के बयान से साफ है कि बीजेपी अब बंगाल में हिंदू वोटर्स पर फोकस रखेगी। बंगाल बीजेपी का मानना है कि लोकसभा चुनाव में मुस्लिम वोटर्स ने एकजुट होकर टीएमसी को सपोर्ट किया है और जबकि हिंदू मतदाताओं में विभाजन देखा गया। ऐसे में अब हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिश की जाएगी।
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