CWC Meeting: लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद विपक्षी गठबंधन (इंडी) ब्लॉक की सरकार नहीं बन रही है। तीसरी बार नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए केन्द्र में सरकार बनाने जा रहा है। रविवार 9 जून को राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। आज दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक आयोजित हो रही है। इस बैठक में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष चुना गया। बैठक में सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शामिल हैं। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में हार के कारणों पर भी मंथन जारी है।
दरअसल, इस बार सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी होने के नाते कांग्रेस नेता को आधिकारिक तौर पर नेता प्रतिपक्ष का दर्जा मिल जाएगा। कांग्रेस ने इस चुनाव में 99 सीटें जीती हैं और नेता प्रतिपक्ष बनने के लिए सबसे बड़े विपक्षी दल के पास कम से कम कुल सीटों की संख्या 10 फीसदी यानी 55 सीट होनी चाहिए। अब इस पद के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है और पार्टी के अंदर से भी आवाज उठ रही है कि राहुल गांधी को ही नेता प्रतिक्ष की कमान संभालनी चाहिए।
बता दें कि, ऐसे कई पद हैं जहां पर नेता प्रतिपक्ष की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। उदाहरण के लिए सीबीआई डायरेक्टर, सीवीसी, लोकपाल और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए बनी कमेटी में पीएम के साथ नेता प्रतिपक्ष भी होते हैं। नेता प्रतिपक्ष हाउस बिजनेस एडवाइजरी कमेटी का हिस्सा होता है और एक पैनल के रूप में कार्य करता है जो कुछ प्रमुख पदाधिकारियों का चयन करता है।
दिलचस्प बात यह है कि इस भूमिका में प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष के साथ उसकी करीबी और नियमित बातचीत शामिल रहती है। क्या राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी डेली नोट्स बनाने, हाथ मिलाने के बाद चाय या कॉफी का आदान-प्रदान करने में सहज होंगे? राहुल गांधी के अलावा कुछ नेता भी इस रेस में आगे हैं। केसी वेणुगोपाल राव, मनीष तिवारी और शशि थरूर का नाम भी आगे चल रहा है।