Money Laundering Case Arvind Kejriwal: दिल्ली आबकारी नीति मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग आरोपी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 2 जून को सरेंडर करना होगा और तिहाड़ जेल जाना होगा। सुप्रीम कोर्ट केजरीवाल की अंतरिम जमानत को एक सप्ताह से बढ़ाने के लिए इंकार कर दिया है। केजरीवाल ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए एक याचिका दायर की थी और एक सप्ताह तक अंतरिम जमानत बढ़ाने की अपील की थी। याचिका में कहा गया था कि जेल में रहने के कारण केजरीवाल का वजन कम हुआ है और अब उन्हें (PET-CT) स्कैन कराना है, जिसमें एक सप्ताह का समय लग सकता है।
शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री ने आवेदन स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि केजरीवाल को नियमित जमानत के लिए निचली अदालत में जाने की छूट दी गई है, इसलिए याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। मंगलवार को न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की अवकाश पीठ ने मुख्यमंत्री की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी की दलीलों पर ध्यान दिया और कहा कि अंतरिम याचिका को सूचीबद्ध करने पर निर्णय सीजेआई द्वारा लिया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि, अरविंद केजरीवाल एक जून तक अंतरिम जमानत पर बाहर हैं और केजरीवाल को जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। कुछ दिनों पहले केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए 10 मई से एक जून तक अंतरिम जमानत दी गई थी। सीएम केजरीवाल को 2 जून को सरेंडर करना होगा। हालांकि, इससे पहले जमानत को बढ़ाने के लिए याचिका दाखिल कर चुके है।
याचिका में दी दलील
बता दें कि, सीएम केजरीवाल की ओर से कोर्ट में जो याचिका दायर की गई थी, उसमें डॉक्टर की सलाह संलग्न करते हुए कहा गया था कि हिरासत के दौरान उनका छह-सात किलो वजन कम हुआ है और अचानक घटे वजन और सेहत संबंधी अन्य दिक्कतों को देखते हुए उन्हें पेट-सीटी (पीइटी-सीटी)स्कैन सहित कई चिकित्सीय जांचे कराने की जरूरत है जिसमें पांच से सात दिन का समय लगेगा।