Haryana: किसान कल्याण को स​मर्पित थे मनोहर लाल, उनकी योजनायें नयी सरकार के लिए बनेंगी लाइट हाउस

संतोष कुमार सिंह

चंडीगढ़: हरियाणा के नये मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुले मन से अपने पूर्ववर्ती मनोहर लाल के शाषण काल में कराये गये विकास कार्यों पर न सिर्फ संतुष्टी जाहिर करते हैं बल्कि जिस तरह से देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुखिया रहे मनोहर लाल ने यानी डबल इंजन की सरकार ने बीते 10 सालों में विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं उन्हे और तेजी से आगे बढ़ाना चाहते हैं। यही कारण है कि उनका मनोहर लाल के शाषण काल में चलाये गये विभिन्न योजनाओं पर न सिर्फ भरोसा है बल्कि पूरे भरोसे के साथ उसे जारी भी रखने की मंशा रखते हैं। आईये आज बात करते हैं मनोहर लाल के शाषण काल में अन्नदाता के कल्याण के लिए उठाये गये कदमों की।

निश्चित तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल अपने पूरे कार्यकाल में किसानों की आमदनी बढ़ाने में जुटे रहेऔर इसके लिए उनके कार्यकाल में कई ऐसे कदम उठाए गए जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। अन्नदाता को न सिर्फ खराब हुई फसलों का मुआवजा समय पर मिल रहा है बल्कि खाद, बीज और पानी समय पर उपलब्ध करवाया जाता रहा। फसल बेचने के लिए मंडियों की व्यवस्था किये जाने के साथ ही एमएसपी पर फसल खरीदगी का पुख्ता प्रबंध किया गया। इसी का परिणाम है कि अन्नदाता को दलालों, बिचौलियों से राहत मिली। इसके साथ ही उन्होंने अपने शाषणकाल में आधुनिक कृषि यंत्र की खरीद पर 50 फीसदी से लेकर 80 फीसदी तक अनुदान देने की शुरूआत की। किसानों को बागवानी के लिए प्रोत्साहित किया और बागवानी करने वाले किसानों को अनुदान राशि भी दी जा रही है।

जाहिर है पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के इन प्रयासों की बदौलत प्रदेश के सैकड़ों किसानों ने  परंपरागत खेती छोड़कर बागवानी की ओर रुख किया हैऔर इससे उन्हे अच्छी आमदनी होनी शुरू हुई और आज भी हो रही है। प्रदेश में कई ऐसे किसान मिल जायेंगे जो फूलों और साग सब्जियों की खेती से सालाना लाखों रुपये की कमाई कर रहें है। जाहिर है पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल अपने पूरे कार्यकाल में किसान हितैषी बने रहे और उनके कल्याण के लिए योजनायें बनाईं। खुद मनोहर लाल ने कई मौकों पर दुहराया कि

वे किसान परिवार से आते हैं, लिहाजा उन्हें खेती किसानी में होने वाली परेशानी का भली भांति एहसास है। वे लगातार कई मंचों से न सिर्फ ये बात कहते पाये गये बल्कि इसी के परिणाम स्वरूप उन्होनें किसानों की पीड़ा को समझते हुए अपने कार्यकाल में कई ऐसे कदम उठाए, जिसका लाभ किसानों को अपनी आमदनी बढ़ाने में मिलता रहा और आज भी मिल रहा है। प्रदेश में सैकड़ों ऐसे छोटे, बड़े किसान हैं..जिन्होने परंपरागत खेती धान, गेहूं और सरसों को छोड़कर फल, फूल और सब्जी उगानी शुरू की और इससे उन्हें मोटा मुनाफा हो रहा है। हरियाणा में उनके कार्यकाल में कई प्रगतीशील किसानों ने परंपरागत फसलों को छोड़कर फूलों की खेती शुरू की और न सिर्फ उन्हें मुनाफा हुआ बल्कि  सरकार की ओर से सब्स्डिी की भी व्यवस्था की गई और सब्सिडी का पैसा सीधे किसानों के खाते में पहुंचता है।

इसके परिणाम स्वरूप फूलों की खेती करने वाला किसान परिवार तो खुशहाल हुआ ही साथ ही इस खेती से जुड़े कई लोगों को रोजगार भी मिला। अपने पूरे कार्यकाल में मनोहर लाल परंपरागत खेती के साथ अनुषंगी खेती और व्यवसायिक खेती को बढ़ावा देकर  किसानों की आर्थिक हालत सुधारने में जुटे रहे और उनके इस काम में पूरा महकमा साथ खड़ा रहा और किसानों को जागरूक करता दिखा। यही कारण है कि किसानों को बागवानी के प्रति जागरूक बढ़ी।

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बागवानी को बढ़ावा देने के लिए किया ये उपाय

पूर्व मनोहर सरकार की पहल पर हरियाणा के कई गांव के किसानों ने बागवानी करना शुरू किया।  अधिकतर किसान कैल, स्टॉक, फीदर किंग, फीदर क्वीन, ट्यूबरोज, गलेड़ की खेती कर रहे है। केवल पलवल ब्लॉक में 100 एकड़ भूमि में मेरीगोल्ड फ्लावर की खेती की जा रही है। मनोहर लाल सरकार की तरफ से मेरी गोल्ड फ्लावर पर 64 सौ रुपए प्रति एकड़ अनुदान दिया जाता है जबकि बलबस फ्लावर पर 16 हजार से 24 हजार रुपए प्रति एकड़ अनुदान दिया जा रहा है। और इन सभी किसानों को लाफ मिल सके इसके लिए मनोहर लाल ने  ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल’ पर फसल का पंजीकरण करवाना अनिवार्य​ किया जिससे पारदर्शिता बढ़ी और बिचौलियों से चंगुल से किसान मुक्त हुए और उनके खाते में पैसे पहुंचे।

 पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की यह स्पष्ट सोच थी कि प्रदेश के विकास में किसानों की अहम भूमिका है। लिहाजा उन्होंने किसानों से परंपरागत खेती को कम कर आधुनिक खेती और बागवानी पर ध्यान देने की लगातार अपील की और उन्हें प्रेरित किया कि इससे ना सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ेगी बल्कि प्रकृति को भी लाभ पहुंचेगा। इस लिहाज से देखें तो उनके कार्यकाल में सरकार बीज से लेकर बाजार तक किसानों को मदद पहुंचाती रही।

आधुनिक तकनीक को दिया बढ़ावा

कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने किसानों से संवाद में ये बार—बार कहा कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जरूरी हैऔर इसके लिए कृषि यंत्र खरीद पर सब्सिडी दी जा रही है। इतना ही नहीं उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जैविक कृषि अभियान को आगे बढाते हुए किसानों को समझाया कि हमें जैविक खेती करनी चाहिए, ताकि विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचा जा सके।

भूजल दोहन के प्रति रहे सचेत

 मनोहर लाल की यह स्पष्ट राय थी कि बढ़ती जनसंख्या और लगातार हो रहे पानी का दोहन चिंता का विषय है। यही वजह है कि उन्होंने किसानों से बागवानी करने की अपील की ताकि कम जमीन और कम पानी की खपत में भी बेहतर मुनाफा लिया जा सके।  जाहिर है हरियाणा के वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह उन्हीं के काम को आगे बढ़ाते हुए विकसित भारत और विकसित हरियाणा की परिकल्पना को साकार करने के प्रति प्रतिबद्ध हैं ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यकाल में शुरू की गई किसान हितैषी योजनाएं न सिर्फ जारी रहेंगी बल्कि उनके लिए लाईट हाउस का काम भी करेंगी और आगे इन योजनाओं का विस्तार होगा।

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