संतोष कुमार सिंह
चंडीगढ़: वैसे तो अपने मुख्यमंत्रित्व काल में मनोहर लाल ने संपूर्ण हरियाणा के विकास के लिए काम किया है लेकिन सीएम सीटी के रूप में करनाल को पहचान मिली और उन्होंने करनाल के विकास के लिए लगातार सक्रियता दिखाई। यही कारण है कि उन्होने विधानसभा से इस्तीफा देने के बाद जब लोकसभा चुनाव लड़ने की बारी आई तो पार्टी द्वारा मनोहर लाल को करनाल संसदीय सीट से ही उम्मीदवार बनाया गया है और हरियाणा के नये मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मनोहर लाल द्वारा खाली विधानसभा सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की चंडीगढ़ से दिल्ली तक की सियासी डगर वाया करनाल होकर ही गुजरेगी। यदि मनोहर करनाल सीट से लोकसभा चुनाव जीतते हैं तो वह केंद्रीय राजनीति में सक्रिय हो जाएंगे। यानी
एक तरफ करनाल को मनोहर लाल के समय में भी सीएम सिटी होने का गौरव प्राप्त था और अब भी बना हुआ है और मनोहर लाल जब केंद्र की राजनीति में जायेंगे तब भी करनाल का महत्व बना रहेगा। मुख्यमंत्री रहते मनोहर लाल ने कई विकास कार्य करनाल में किए हैं। भले ही कोई बड़ी इंडस्ट्री न लग पाई हो लेकिन करोड़ों की विकास परियोजनाएं दीं। प्रदेश में साढ़े नौ साल के कार्यकाल में मनोहर लाल ने अंत्योदय भाव से गरीब, कमेरे व कमजोर वर्ग के साथ-साथ हर वर्ग को लाभ पहुंचाने का कार्य किया।
उनका प्रयास रहा कि करनाल और कुरुक्षेत्र जो भारतीय संस्कृति और विरासत का एक समृद्ध भंडार हैं, जिनमें बहुत अधिक संभावनाएं हैं को सहेजा जाये और इन दोनों शहरों को सुरक्षित रखने और इन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए मनोहर लाल ने लगातार काम किया जा रहा है। करनाल स्मार्ट सिटी परियोजना की बात हो या करनाल को टिकाऊ और पर्यटन के अनुकूल बनाकर रोल मॉडल में बदलने का प्रयास मनोहर लाल ने इस दिशा में लगातार काम किया है। यहां तक की घरौंडा जैसे पिछड़े कहे जाने वाले इलाके को विकास के नए आयाम दिए। करनाल के साथ ही पूरे प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन और योजनाओं के कार्यान्वयन, अंत्योदय भावना से अंतिम आदमी को लाभ पहुंचाने के लिए जो कार्य किया है वह बेमिसाल है।
जाहिर है मनोहर लाल के इन कामों की बदौलत करनाल को नई पहचान मिली है और आगे भी सीएम सिटी के रूप में करनाल का विकास होगा। लेकिन जब मनोहर लाल ने करनाल से मुख्यमंत्री का चुनाव लड़ने का फैसला किया है और पार्टी नेतृत्व ने उन्हें यह मौका दिया है तो स्वाभाविक तौर चुनावी पंडितों की नजर करनाल पर टिक गई है। इलाके के लोगों को कहना है कि करनाल लोकसभा से उनकी रिकाॅर्ड तोड़ जीत होगी। उसके बाद उनके अनुभव, समर्पण भाव व उनकी कार्यशैली को देखते हुए उनकी राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका होगी जिसका लाभ भविष्य में हरियाणा प्रदेश के साथ-साथ करनाल को भी मिलेगा।
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