Himachal में सियासी उठापटक जारी, साल 2104 के बाद कहां-कहा हुई सत्ता धड़ाम, पढ़िए पूरा Analysis

Politics Crisis: हिमाचल प्रदेश में इस समय सियासी उठापटक जारी है। राज्यसभा चुनाव के बाद सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर संकट मंडराने लगे हैं। राज्य में एक सीट पर हुए राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के कई विधायक बागी हो गए और सरकार में मंत्री पूर्व सीएम वीरभद्र के बेटे विक्रमादित्य ने पद से इस्तीफा दे दिया। 68 विधानसभा सीटों वाली हिमाचल प्रदेश में अब सुक्खू सरकार के सामने पूर्ण बहुमत की चुनौती खड़ी हो गई।

दरअसल, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के पास 40 और बीजेपी के पास 25 अन्य तीन निर्दलीय विधायक है। पूर्ण बहुमत के लिए 35 सीटों की जरुरत है। मंगलवार को राज्यसभा चुनाव में हुई वोटिंग के दौरान 9 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर दी। जिसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी को 34 और बीजेपी प्रत्याशी हर्ष महाजन को 34 वोट बराबर मिले। इसके बाद बीजेपी प्रत्याशी ड्रॉ की सहायता जीतने में सफल हो गए।

इसके बाद बुधवार सुबह पूर्व सीएम वीरभद्र के बेटे और कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। सुक्खू सरकार पर अपमानित और विधायकों को उपेक्षित करने का आरोप लगाया। इसके बाद विधानसभा में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत साबित करने के लिए वर्तमान सरकार को घेरा। डैमेज कंट्रोल करने में जुटी कांग्रेस ने पर्यवेक्षकों की टीम को हिमाचल भेजा। विक्रमादित्य पीछे हटने को तैयार नहीं जबकि सुक्खू सीएम पद छोड़ने को तैयार नहीं।

ऐसा नहीं है पहली बार किसी राज्य में पूर्ण बहुमत वाली सरकार का निजाम बदलने जा रहा है। इससे पहले भी कई बार पूर्ण बहुमत और गठबंधन की सरकार रातों रात धड़ाम हो चुकी है। इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको साल 2014 से लेकर अब तक किन-किन राज्यों में निजाम बदला बताते हैं।

बिहार में सत्ता धड़ाम

बिहार की सत्ता में कई बार निजाम बदलता रहता है। नीतीश कुमार ने साल 2015 में पहली बार लालू यादव की पार्टी आरजेडी और कांग्रेस के साथ महागठबंधन कर सरकार बनाई थी। हालांकि, करीब दो साल में ही नीतीश कुमार का महागठबंधन के साथ मोहभंग हो गया और उन्होंने एनडीए के साथ सरकार बना ली। साल 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में जदयू और एनडीए की सरकार सत्ता में आई, लेकिन नीतीश ने एक बार फिर 2022 में राजद का दामन थाम लिया और महागठबंधन के साथ सरकार बना ली। दो साल बाद नीतीश फिर एनडीए में आ गए और महागठबंधन की सरकार गिर गई।

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महाराष्ट्र में गिरी ठाकरे सरकार

महाराष्ट्र में भी राज्यसभा चुनाव के बाद महाविकास आघाड़ी सरकार (एमवीए) गिर गई थी। साल 2022 में महाराष्ट्र की 6 सीटों पर हुए राज्यसभा चुनाव में बीजेपी ने तीन सीटें जीत ली थी। चुनाव के नतीजों से महाविकास आघाड़ी गठबंधन में शामिल शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा था। राज्यसभा चुनाव के कुछ दिन बाद ठाकरे सरकार में बगावत हो गई। एकनाथ शिंदे गुट के विधायकों ने बगावत कर उद्धव सरकार गिरा दी। कुछ दिन बाद शिंदे गुट और बीजेपी ने मिलकर सरकार बनाई। फिलहाल महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे बीजेपी के साथ मिलकर सरकार चला रहे हैं।

मध्य प्रदेश में सिंधिया ने किया ‘खेला’

साल 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए थे। सिंधिया के साथ कई विधायकों ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। सिंधिया के पाला बदलने के बाद कमलनाथ सरकार अल्पमत में गई। कांग्रेस की सरकार गिर गई और बीजेपी ने सरकार बनाई। इन राज्यों में ही नहीं सत्ता का निजाम बदला और नहीं यह पाला बदल का लब्बोलुआब है बल्कि इन राज्यों के बाद कर्नाटक में खूब जमकर सियासी उठापटक हुई थी और गठबंधन की सरकार गिरने के बाद बीजेपी ने सरकार बनाई थी।

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