किसान आंदोलन…अदालत ने किया मनोहर लाल के रूख का समर्थन,  हाईकोर्ट ने कहा…विरोध करना अधिकार, लेकिन न हो संवैधानिक कर्तव्यों की अवहेलना

चंडीगढ़: एक तरफ हरियाणा में बजट सत्र चल रहा है। कैसे देश प्रदेश चलेगा इसके लेखा जोखा में सरकार लगी हुई है। वहीं दूसरी तरफ देश में शुरू हुए किसान आंदोलन का सर्वाधिक नुकसान प्रदेश के आम अवाम को ही हो रहा है। भले ही किसान संगठनों की मांग केंद्र सरकार को पूरी करनी है लेकिन पिस प्रदेश की जनता रही है और प्रदेश सरकार जनता को हो रहे इस नुकसान से और बार-बार हो रहे किसान आंदोलन से परेशान है।

अदालत ने लगाई फटकार

वहीं किसान आंदोलन को लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने भी सख्त रूख दिखाया है। न्यायालय ने कहा है कि विरोध किसानों का अधिकार है लेकिन इसके साथ संवैधानिक कर्तव्य भी जुड़ा है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत आप किसी भी हाईवे पर ट्रैक्टर और ट्रॉली का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। आप ट्रैक्टर और ट्रॉली से अमृतसर से दिल्ली जा रहे हैं।

क्या कहा अदालत ने

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश जीएस संधावालिया व न्यायमूर्ति लपिता बनर्जी की पीठ ने यह टिप्पणी की है। किसानों के प्रदर्शन और उससे हो रही परेशानी पर सुनवाई करते हुए यह बात उच्च न्यायालय ने कही।

क्या है बोर्डर का हाल

जाहिर है सुरक्षा के मद्देनजर और पूर्व के अनुभवों से सीखते हुए किसानों के दिल्ली कूच हुए दिल्ली बोर्डर की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। बेरिकेड, बोल्डर व कंटेनर से बॉर्डर पर दीवार खड़ी कर दी है। ड्रोन से लगातार नजर रखी जा रही है। हरियाणा से जुड़े तीन बॉर्डर- सिंधु, टीकरी, ढासा को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। दिल्ली के सभी बॉर्डर पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। हरियाणा और पंजाब में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट और वेब लिंक पर रोक लगाई है। इसके साथ ही सात जिलों में इंटरनेट बंद कर दिया है।

जाहिर है सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करना राज्य सरकार की जवाबदेही है और इस मामले में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को हाईकोर्ट का साथ मिला है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी यही कहते रहे हैं कि आंदोलन करना आपका हक है लेकिन हाईवे पर ट्रॉली और खेती किसानी के काम आने वाले साजोसामान को लेकर चले आना यह कहीं से न्यायोचित नहीं है।

इन सब के बीच बड़ा सवाल यह भी है कि किसान आंदोलन के कारण जो नुकसान हो रहा है उसकी भरपाई कैसे होगी। एक आंकड़े के मुताबिक रास्ते बंद होने के कारण हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़, यूपी, हिमाचल व राजस्थान राज्यों के व्यापार व उद्योग में लगातार हर रोज 1650 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। इस दौरान ट्रांसपोटरों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है।  ट्रांसपोर्टरों का काम लगभग 40 प्रतिशत कम हो गया है, जिस कारण ट्रांसपोर्टरों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक राज्य से दूसरे राज्य में सामान भेजने व लाने में बड़ी दिक्कत आ रही है। यहां तक कि हरियाणा रोडवेज को भी हर रोज पांच लाख रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। हरियाणा के साथ-साथ पंजाब सरकार को भी काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है इसकी भरपाई कैसे होगी।

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