Rajasthan: राजस्थान में बीजेपी सरकार बनने के बाद गोतस्करों की शामत आ गई है। पुलिस एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई कर रही है। अब पुलिस ने अलवर जिले के जंगलों में पहाड़ी क्षेत्र के बीच बसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर छापामारी की और गोमांस तस्करी के अड्डों को पकड़ा है। यह कार्रवाई किशनगढ़ बास क्षेत्र के रूंध गिदावड़ा क्षेत्र में की गई है।
जयपुर आइजी रेंज उमेश चंद्र दत्ता और खैरतल-तिजारा एसपी सुरेंद्र सिंह आर्य भी मौके पर पहुंचे और गोवंश के अवशेष देखकर हैरान रह गए। आइजी ने गोतस्करी को संरक्षण देने के आरोप में किशनगढ़ बास थाना के एसएचओ दिनेश मीणा समेत पूरे 40 कर्मचारियों के स्टाफ को सस्पेंड कर दिया।
बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में गोवंश का वध कर हरियाणा के नूंह और आसपास के क्षेत्रों में होम डिलीवरी तक की जाती थी। पुलिस ने 25 लोगों के खिलाफ गोकशी का मामला भी दर्ज किया है। होम डिलीवरी करने वाली 12 से अधिक बाइक और गोवंश को पकड़कर लाने वाली एक पिकअप गाड़ी भी पकड़ी है।
एसपी को सौंपी गई जांच
गोतस्करी का मामला सामने आने के बाद विश्व हिंदु परिषद समेत अन्य संगठनों ने पुलिस के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की थी जिसके बाद आईजी ने एसएचओ समेत पूरा थाना सस्पेंड करने के आदेश दे दिए। जयपुर आइजी ने पूरे की जांच कोटपूतली बहरोड एसपी नमीचंद को सौंप दी है।
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गौरतलब है कि, राजस्थान विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने गोतस्करी बड़ा मुद्दा बनाया था। अलवर के सांसद रहे महंत बाबा बालकनाथ भी गोतस्करी के मुद्दों को उठाते रहे हैं। उन्होंने तिजारा विधानसभा से चुनाव लड़ते वक्त रैलियों में भी गोतस्करों को चेताया था और पुलिस को भी नसीहत दी थी। अब बीजेपी सत्ता है और गोतस्करों पर कड़ा शिकंजा कसा जा रहा है। प्रदेश के संदिग्ध स्थानों पर पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
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