Maharashtra Ashok Chavan: लोकसभा चुनाव के ऐन वक्त पर कांग्रेस को अब महाराष्ट्र में तगड़ा झटका लगा है। पार्टी के दिग्गज नेता और कांग्रेस सरकार के दौरान सीएम रहे अशोक चव्हाण मंगलवार को बीजेपी में शामिल हो गए। बीते 10 सालों में अशोक चव्हाण नौवें पूर्व सीएम हैं जिन्होंने कांग्रेस को अलविदा कहा। महाराष्ट्र में इसे कांग्रेस के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
यूपी के बाद महाराष्ट्र दूसरा सबसे ज्यादा लोकसभा सीट 48 रखने वाला राज्य है। कांग्रेस पार्टी को इस राज्य में अच्छी सीटें मिलने की उम्मीद थी लेकिन कई दिग्गज नेताओं ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। पहले बाबा सिद्दकी और मिलिंद देवड़ा ने पार्टी का साथ छोड़ दिया। अब पूर्व सीएम रहे अशोक चव्हाण कांग्रेस से अलग होकर बीजेपी में शामिल हो गए।
अशोक चव्हाण ने साल 2014 में मोदी लहर के बावजूद नांदेड लोकसभा सीट जीती थी। वह दो बार सांसद चुने गए हैं। चव्हाण को मराठावाडा क्षेत्र में बड़ा सियासी चेहरा माना जाता है। इस बीच अशोक चव्हाण के राज्यसभा में जाने की अटकलें हैं। अगर वह राज्यसभा नहीं जाते हैं तो नांदेड़ की सीट से फिर मैदान में उतर सकते हैं। महाराष्ट्र बीजेपी में अशोक चव्हाण की क्या भूमिका होगी? इसको लेकर बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व फैसला लेगा।
चव्हाण के बीजेपी में शामिल होने के मौके पर खुद डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि चव्हाण दो बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं। उनका कद बड़ा है ऐसे में उनकी भूमिका क्या होगी? यह पार्टी नेतृत्व तय करेगा। फडणवीस ने कांग्रेस और एमवीए दलों को निशाने पर लिया और कहा कि वे अपना घर खुद नहीं संभाल पा रहे हैं।
कांग्रेस का बीते 10 सालों का लेखा-जोखा
गौरतलब है कि 48 लोकसभा सीटों वाले राज्य महाराष्ट्र में कांग्रेस को झटका लगने से चुनावी समीकरण बिगड़े हैं। अशोक चव्हाण से पहले बीते 10 सालों में आठ पूर्व सीएम कांग्रेस को अलविदा कह चुके हैं। पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू से टकराव के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पार्टी छोड़ दी थी। इसके बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे गुलाम नबी आजाद भी कांग्रेस से अलग हुए थे।
उन्होंने अपनी अलग पार्टी बना ली थी। इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे विजय बहुगुणा, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे अजित जोगी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे एस.एम. कृष्णा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे नारायण राणे पार्टी को छोड़ चुके हैं। ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री गिरिधर गमांग ने भी पार्टी छोड़ी थी लेकिन वे फिर पार्टी में लौट आए हैं।