Uttarakhand: विधानसभा में पेश हुआ UCC बिल, शादी तलाक समेत बदल जाएंगे कई नियम

Uttarakhand UCC Bill: उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आज यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को विधानसभा सदन में पेश कर दिया। बिल पर चर्चा की मांग को लेकर सदन में विपक्ष हंगामा कर रहा है। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। लेकिन यूसीसी विधेयक पास होने के बाद कानून बन जाएगा।

इसी के साथ उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा जहां पर यूसीसी लागू हुआ है। बताया जा रहा है कि यूसीसी के मसौदे में 400 से अधिक धाराएं शामिल है। जिसका लक्ष्य पारंपरिक रीति-रिवाजों से पैदा होने वाली विसंगतियों को समाप्त करना है। इस बिल के लागू होने के बाद कई नियम बदल जाएंगे।

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के लागू होने के बाद बहुविवाह पर रोक लग जाएगी और लड़कियों की शादी की कानूनी उम्र 21 साल तय की जा सकती है। इसके अलावा लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वालों के लिए पुलिस में रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा। अगर पुलिस में बिना जानकारी दिए लिव इन रिलेशनशिप में रहे तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वालों को अपनी जानकारी देना अनिवार्य होगा और ऐसे रिश्तों में रहने वाले लोगों को अपने माता-पिता को जानकारी प्रदान करनी होगी। विवाह पंजीकरण नहीं कराने पर किसी भी सरकारी सुविधा से वंचित होना पड़ सकता है।

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वहीं, मुस्लिम महिलाओं को भी बच्चे गोद लेने का अधिकार होगा और गोद लेने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। पति और पत्नी दोनों को तलाक की प्रक्रियाओं तक समान पहुंच प्राप्त होगी। नौकरीपेशा बेटे की मृत्यु की स्थिति में बुजुर्ग माता-पिता के भरण-पोषण की जिम्मेदारी पत्नी पर होगी और उसे मुआवजा मिलेगा।

पति की मृत्यु की स्थिति में अगर पत्नी पुनर्विवाह करती है तो उसे मिला हुआ मुआवजा माता-पिता के साथ साझा किया जाएगा। अनाथ बच्चों के लिए संरक्षकता की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। पति-पत्नी के बीच विवाद के मामलों में बच्चों की कस्टडी उनके दादा-दादी को दी जा सकती है।

गौरतलब है कि, मार्च 2022 में बीजेपी सरकार गठन के तत्काल बाद कैबिनेट की पहली बैठक में ही यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति के गठन को मंजूरी दे दी गई थी। इसके बाद में सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया था।

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