बाढ़ के बीच सिसकती राजधानी दिल्ली पर अभी और संकट दस्तक देना वाला है। बाढ़ से राहत मिलने के बाद अब मौसमी बीमारी डेंगू और मलेरिया अपने पैर पसारने शुरू कर देगी। राजधानी के सामान्य से लेकर पॉश इलाकों में जलजमाव है।
बाढ़ के बीच सिसकती राजधानी दिल्ली पर अभी और संकट दस्तक देना वाला है। बाढ़ से राहत मिलने के बाद अब मौसमी बीमारी डेंगू और मलेरिया अपने पैर पसारने शुरू कर देगी। राजधानी के सामान्य से लेकर पॉश इलाकों में जलजमाव है। हालांकि, अब धीरे-धीरे यमुना का रौद्र रूप कम हो रहा है और जलस्तर खतरे के निशान से कम हो रहा है।
लेकिन, इलाकों में जलजमाव मौसमी बीमारियों को खुली दावत देगा। निकट भविष्य में राजधानी डेंगू, मलेरिया और चुकनगुनिया का सामना कर सकती है। दिल्ली की केजरीवाल इस संकट को लेकर अभी से तैयारी कर रही है। जिसको लेकर एक मेगा प्लान तैयार कर लिया है।
दिल्ली वासियों को बीमारियों से बचाने के लिए सरकार ने कई चरणों में अपनी तैयारी को अंमलीजामा पहनाया है। एक टीम लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक करेगी। एक टीम बीमारी की रोकथाम के लिए काम करेगी। जिससे इस चुनौती से पार पाया जा सके। सरकार की तैयारी को आसान बिंदुओं में समझते हैं।
जांच को लेकर सतर्क
दिल्ली सरकार मौसमी बीमारी से निपटने के लिए प्रभावी जांच पर ध्यान दें रही हैं। बीमारियों की पहचान और उपचार के लिए प्रयोगशाला में जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा । डेंगू के वायरस सीरोटाइप की पहचान आसानी से की जा सकें। डेंगू बुखार अपने साथ कितने प्रकार के लक्षण लेकर आ रहा है। लक्षणों का पता चलने के बाद बीमारी का उपचार आसान हो जाता है।
हेल्पलाइन नंबर
इसके अलावा सरकार हेल्पलाइन नंबर की सहायता लेने जा रही है। कोविड काल में हेल्पलाइन ने बड़ी सार्थक भूमिका निभाई थी। 1031 नंबर पर कॉल करके अब डेंगू उपचार के लिए मदद ली जा सकेगी। इस नंबर पर डेंगू से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी उपलब्ध होगी।
कंट्रोल रूम
दिल्ली सरकार हेल्पलाइन के बाद कंट्रोल का सहारा लेने जा रही है। इन कंट्रोल रूम से 24 घंटे डेंगू की संख्या पर नजर रखी जा सके। समय पर बीमारी का उपचार मिल सकें।
घर-घर होगी जांच
केजरीवाल सरकार मौसमी बीमारियों पर अंकुश लगाने के लिए घर-घर जांच कराएगी। सरकारी अधिकारी डेंगू के प्रजनन की रोकथाम के लिए घरों की रैंडम जांच करेंगे। साथ ही घरों में दवाइयों का छिड़काव किया जाएगा।
ड्रोन की तैनाती
वहीं, संवेदनशील स्थानों पर मच्छरों की निगरानी और नियंत्रण के लिए ड्रोन तैनात किए जाएंगे। जिससे ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जा सके और बीमारी को समय पर फैलने से रोका जाए।
जागरूकता का संदेश
डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के प्रसार को रोकने के लिए जागरूकता बड़ा हथियार साबित होगा। बाजारों, अस्पतालों और अन्य सभी इलाकों में लोगों को जागरूक किया जाएगा। ऐसी स्थिति से बचना होगा जिससे डेंगू की ब्रीडिंग न हो सके।