हरियाणा सरकार ने दी गरीबों को सौगात, 1 लाख परिवारों को जल्द मिलेगा आवास

चंडीगढ़: हरियाणा के गरीबों के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल,हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा वंचितों व जरूरतमंदों के सिर पर छत मुहैया करवाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रधानमंत्री आवाज योजना की तर्ज पर हरियाणा सरकार की ओर से मुख्यमंत्री आवास योजना शुरू करने की घोषणा की गई है।इस योजना के तहत सरकार एक लाख लोगों को बहुत जल्द ही आवास बनाकर देने वाली है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को केंद्रीय शहरी एवं आवास मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की है। इस दौरान मेट्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने पर भी उन्होंने केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया।

अति गरीब लोगों को मिलेंगे घर

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा में जांच चल रही है। जिन पात्र लाभार्थियों के पास आवास नहीं है, उन्हें हरियाणा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को मकान मुहैया करवाने में कुछ अड़चने थीं, जिन्हें दूर करने के लिए शुक्रवार को केंद्रीय शहरी एवं आवास मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की। सीएम के मुताबिक, पहले चरण एक लाख अति गरीब लोगों को घर मिलेंगे। जिनके पास स्वयं के घर नहीं है। सरकार परिवार पहचान पत्र के माध्यम से उनकी पहचान करेगी।

चुनाव से पहले सौंपी जाएगी चाबी

सूत्रों के मुताबिक, आगामी लोकसभा चुनाव से पहले ही पात्र लोगों को उनके आवास की चाबी सौंप दी जाएगी। सीएम मनोहर लाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के साथ बैठक के दौरान हरियाणा के कई और प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हुई। जिसमें सराय कालेखां से पानीपत, सराय कालेखां से शहजादपुर की दोनों रैपिड रेल लाइनों पर कार्य शुरू करने के संबंध में भी विचार-विमर्श हुआ।/div

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से सुझाव दिया गया है कि सराय कालेखां से शहजादपुर वाली लाइन को दिल्ली के न मानने पर ऐरो सिटी से उस लाइन को चालू किया जाए ताकि हरियाणा के भाग में लाइन चालू हो सके। इसी प्रकार पानीपत की लाइन पर दिल्ली को भी 3000 करोड़ रुपये देना है।

दिल्ली सरकार पर लगाया ये आरोप

इस दौरान उन्होंने दिल्ली सरकार पर अड़चनें पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को लेकर दिल्ली सरकार अड़चनें पैदा कर रही है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है। इस मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होनी है। बैठक में आरआरटीएस के तहत आने वाली कठिनाई पर भी चर्चा की गई है |

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