प्रशांत किशोर की जन सुराज पदयात्रा का कितना असर, बिहार की जनता पर पड़ेगा प्रभाव?

प्रशांत किशोर जन सुराज यात्रा के दौरान जनता से बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर बात कर रहे हैं। उन्होंने जनता से पार्टी बनाने और नहीं बनाने को लेकर भी उनकी राय मांगी है। इसमें ज्यादातर लोगों ने राजनीतिक दल बनाने के पक्ष में अपनी राय दी।

पटना: चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जन सुराज पदयात्रा एक बार फिर से शुरू हो चुकी है। पीके के स्वास्थ्य कारणों के कारण इसे लगभग एक महीने के लिए स्थगित कर दिया गया था। अब यह यात्रा 11 जून से शुरू हो चुकी है। यह यात्रा पिछले साल 2 अक्टूबर से भी तिहरवा से शुरू हुई थी| तब से 6-7 महीनों से प्रशांत किशोर लगातार यात्रा कर रहे थें। इस दौरान उन्होंने 2500 किमी से अधिक की दूरी तय करते हुए पश्चिम चंपारण से चलकर शिवहर, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली होते हुए समस्तीपुर जिले तक सफर तय किया था।

मोरवा से दोबारा शुरू हुई थी यात्रा

बिहार में जाति की राजनीति हर मुद्दे पर भारी नजर आती रही है। रणनीतिकार प्रशांत किशोर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्र की मोदी सरकार को निशाना बनाने के लिए सामाजिक, वित्तीय, शैक्षिक और सांस्कृतिक मुद्दों को उठाने पर अड़े हुए हैं। प्रशांत किशोर ने 25 दिन के आराम के बाद एक बार फिर अपनी जन सुराज पदयात्रा शुरू की। 11 जून से यहजनयात्रा इस बार मोरवा के मैदान से शुरू हुई। जहां से प्रशांत किशोर;एक बार फिर बिहार के गांव-गांव जनता के बीच पहुंच रहे हैं।

प्रशांत किशोर बनाएंगे अपनी पार्टी ?
प्रशांत किशोर इस यात्रा के दौरान जनता से बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर बात कर रहे हैं। उन्होंने जनता से पार्टी बनाने और नहीं बनाने को लेकर भी उनकी राय मांगी है। इसमें ज्यादातर लोगों ने राजनीतिक दल बनाने के पक्ष में अपनी राय दी।/ text-align: justify;अब सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशांत किशोर एक राजनीतिक पार्टी शुरू करने जा रहे हैं ? या फिर वो अपनी पदयात्रा को केवल एक जागरूकता अभियान तक सीमित रखेंगे। /
p
style=color: rgb(0, 0, 0); font-family: Cambay, quot;Noto Sansquot;, quot;Hind Siliguriquot;, quot;Hind Vadodaraquot;, quot;Baloo Paaji 2quot;, sans-serif; font-size: 20px;पीके का सीएम नीतीश पर हमला/br /
/
p
style=color: rgb(0, 0, 0); font-family: Cambay, quot;Noto Sansquot;, quot;Hind Siliguriquot;, quot;Hind Vadodaraquot;, quot;Baloo Paaji 2quot;, sans-serif; font-size: 20px;प्रशांत किशोर ने पिछले दिनों शिक्षक भर्ती आंदोलन के दौरान हुई घटना पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला था। पीके ने कहा कि ये कहीं न कहीं दिखाता है कि नीतीश कुमार के दिमाग में बैठ गया है कि हम काम करें या न करें, जनता में कितना भी रोष हो कोई न कोई जुगाड़ लगाकर सीएम बने रहना है। उन्होंने कहा कि इन्होंने जीवन भर विपक्ष की राजनीति की है,लेकिन पिछले कुछ समय से मैं देख रहा हूं पटना में लाठीचार्ज करना नियम बन गया है। कल बीजेपी के लोगों के ऊपर लाठीचार्ज किया गया। ये कोई नई बात नहीं है।/
p style=margin: 15px 0px; padding: 0px; box-sizing: border-box; color: rgb(0, 0, 0); font-size: 20px; font-family: Cambay, quot;Noto Sansquot;, quot;Hind Siliguriquot;, quot;Hind Vadodaraquot;, quot;Baloo Paaji 2quot;, sans-serif; text-align: justify;
बिहार की जनता पर जन/ style=font-family: Mukta, serif; font-size: सुराज पदयात्रा का कितना असर ?//
p style=margin: 15px 0px; padding: 0px; box-sizing: border-box; color: rgb(0, 0, 0); font-size: 20px; font-family: Cambay, quot;Noto Sansquot;, quot;Hind Siliguriquot;, quot;Hind Vadodaraquot;, quot;Baloo Paaji 2quot;, sans-serif; text-align: justify;
इस दौरान प्रशांत किशोर ने लोगों को उनके वोट की ताकत को समझाते हुए कहा कि इस सरकार की ये छवि बन गई है कि पटना में लोग जब अपनी बात को लेकर जाते हैं, चाहे वे जिस भी वर्ग के हों, वो रसोईया हों, आंगनबाड़ी वर्कर हों, आशा वर्कर हों, कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारी हों, हमने देखा है कि बीते एक साल में हर वर्ग के लोग पटना गए हैं। लोकतंत्र में आप किसी पर लाठीचार्ज करवाइएगा तो आपको डर होगा कि आप चुनाव हार जाएंगे, लेकिन नीतीश कुमार और ज्यादातर बिहार के नेताओं में वो डर खत्म हो गया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या प्रशांत किशोर की जन सुराज पदयात्रा का कोई प्रभाव जनता पर पड़ेगा ? क्या लोकसभा चुनाव में जेडीयू का वोट बैंक भाजपा की ओर छिटकेगा या फिर अगर प्रशांत किशोर अपनी पार्टी का गठन करते हैं तो यह वोट उनकी झोली में जाएगा ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *