केजरीवाल को ईडी का समन…पक्ष विपक्ष में छिड़ा घमासान…केजरीवाल ने कहा ‘जेल जाने से नहीं डरता’

संतोष कुमार सिंह

नयी दिल्ली: भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से निकल कर दिल्ली के मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचे और बहुत कम समय में अपनी पार्टी यानी आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलवाने में कामयाबी पा चुके अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के शराब घोटाले मामले ईडी द्वारा भेजे गये समन को लेकर गजब का तर्क दिया है। इस मामले में ईडी को पत्र लिखकर केजरीवाल ने कहा है कि  आम आदमी पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक और स्टार प्रचारक होने के नाते मुझे चुनाव प्रचार के लिए यात्रा करनी पड़ती है और आप के अपने क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं को राजनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करना पड़ता है।  दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में मेरे पास शासन और आधिकारिक प्रतिबद्धताएं हैं, जिनके लिए मेरी उपस्थिति आवश्यक है।

दरअसल दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को नीति घोटाले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय ने तलब किया था और उन्हें आज 11 बजे ईडी ऑफिस पहुंचकर एजेंसी के सामने पेश होना था।  शराब घोटाला केस में मुख्यमंत्री से सबीआई पहले ही पूछताछ कर चुकी है। इसी वर्ष अप्रैल महीने में घंटों उनसे पूछताछ की गई थी।

लेकिन ईडी से मिले समन को लेकर केजरीवाल ने सवाल खड़ा कर दिया और  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को चिट्ठी लिखकर शराब नीति मामले के संबंध में उन्हें जारी समन वापस लेने का अनुरोध किया है।

इतना ही नहीं केजरीवाल ने यह भी पूछा कि आपने मुझे किस नाते समन भेजा है, एक गवाह के तौर पर या फिर संदिग्ध के तौर पर। केजरीवाल का कहना है कि  समन में डिटेल भी नहीं दी गई है।  यह भी नहीं बताया गया कि मुझे व्यक्तिगत तौर पर बुलाया गया है या फिर मुख्यमंत्री के तौर पर या फिर आम आदमी पार्टी के मुखिया के तौर पर।

लगे हाथो केजरीवाल ने भाजपा नेताओं पर भी सवाल खड़ा ​कर दिया और कहा कि जिस दिन ईडी द्वारा समन जारी किया गया, उस दिन भाजपा नेताओं ने बयान देना शुरू किया कि मुझे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि समन राजनीति से प्रेरित है और बीजेपी के आदेश पर उन्हें समन जारी किया गया है। उनका कहना है कि बकौल केजरीवाल इसलिए भेजा गया है ताकि वह पांच राज्यों में चुनावी अभियान के लिए ना जा सकें।

उसके बाद केजरीवाल मध्यप्रदेश निकल गये। मध्यप्रदेश के सिंगरौली में आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक केजरीवाल को तो गिरफ्तार कर लोगे, हजारों लाखों करोड़ों केजरीवाल को कैसे गिरफ्तार करोगे? ये हमें गिरफ्तार कर ले कोई फर्क नहीं पड़ता, केजरीवाल जेल जाने से नहीं डरता।

इधर केजरीवाल का ईडी के दफ्तर में पेश नहीं होने के बाद आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आप 5 राज्यों में चुनाव लड़ रही है। चुनाव की तारीख की घोषणा हो चुकी है। अरविंद केजरीवाल राष्ट्रीय पार्टी आप के राष्ट्रीय संयोजक हैं, दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं और प्रशासन की जिम्मेदारी है। ये थोड़ी है कि आप यूं ही बुला लोगे, फिर बोलोगे कि हमारी किसी बात का जवाब नहीं दे रहे थे तो हमने गिरफ्तार कर लिया। सत्ता-धारी पार्टियां एजेंसीज का दुरुपयोग न करें, उसके लिए हर देश में प्रावधान होते हैं। अंग्रेजों के समय पर भी Court से Search Warrant चाहिए होता था।

वहीं केजरीवाल के इस रवैये पर सवाल खड़ा करते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि “… क्या कारण है कि अरविंद केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट के कहने के बावजूद ये केस जल्द ही समाप्त हो इसपर ध्यान नहीं दे रहे हैं… मुझे तो आश्चर्य है कि उन्होंने (अरविंद केजरीवाल) अपनी चिट्ठी में लिखा है कि दिवाली आ रही है, इसलिए मुझे छूट दी जाए… मतलब ED अरविंद केजरीवाल से पूछताछ ही न करे क्योंकि कभी होली है तो कभी दीवाली है… यह केवल स्वीकार्यता है कि हमने चोरी की है…”

संबित पात्रा का जवाब दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय की तरफ से आया। गोपाल राय ने कहा, “ED के नोटिस का जवाब अरविंद केजरीवाल ने भेजा और नोटिस में अनुत्तरित प्रश्नों के बारे में पूछा… नोटिस में स्प्ष्ट नहीं था कि ED अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के मुख्यमंत्री के तौर पर बुलाना चाहती है या AAP संयोजक के रूप में बुलाना चाहती है या नागरिक के रूप में बुलाना चाहती है। ये भी स्प्ष्ट नहीं था कि उन्हें गवाह के रूप में बुलाया गया है या आरोपी के रूप में… ED का जवाब नहीं आया, जवाब देने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आएं… आज ये अंतर करना मुश्किल है कि ED ही भाजपा है या बीजेपी ही ED है, CBI ही भाजपा है या भाजपा ही CBI है… एजेंसियों पर सवाल उठता है तो जवाब देने के लिए भाजपा के नेता सामने क्यों खड़े हो जाते हैं?”

 दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी की ओर से समन भेजे जाने पर राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा है कि  सीधे तौर पर कहना चाहिए कि उन्हें (Arvind Kejriwal) को भाजपा ने बुलाया था। ED-CBI जैसा कुछ नहीं है। BJP लड़ नहीं सकती, BJP सभी विपक्ष के नेताओं को बुलाएगी। वे नहीं चाहते कि लेवल-प्लेइंग फील्ड जैसा कुछ भी अस्तित्व में रहे।

केजरीवाल को ईडी के समन पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, “कभी राहुल गांधी, सोनिया गांधी को भी बुलाया गया था।  मैं अंदर जाकर आया था…महाराष्ट्र के कई मंत्री जाकर आए हैं, पश्चिम बंगाल के दो मंत्री भी गए। भाजपा की यहीं मंशा है कि पूरे विपक्ष को जेल में डाल दें और वे चुनाव लड़ें।

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