संतोष कुमार सिंह
सिंगरौली: ईडी के बुलावे पर ईडी के दफ्तर नहीं पहुंच मध्य प्रदेश के सिंगरौली में चुनाव प्रचार करने पहुंचे और ईडी सहित केंद्र सरकार पर हमला बोला।
सिंगरौली में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने आशंका जताई कि चुनाव परिणाम घोषित होने तक उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। लगे हाथों उन्होंने लोगों से आम आदमी पार्टी को वोट देने का आह्वान भी कर दिया।
क्या कहा केजरीवाल ने
मध्यप्रदेश के सिंगरौली में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ रोड शो करने पहुंचे केजरीवाल ने कहा कि चुनाव परिणाम घोषित होने तक उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। केजरीवाल ने कहा कि, “ये दिल्ली में खड़े होकर रोज धमकी दे रहे हैं कि केजरीवाल को गिरफ्तार कर लेंगे…. हमें गिरफ्तार कर लें तो कोई बात नहीं, केजरीवाल जेल जाने से नहीं डरता। आप केजरीवाल के शरीर को गिरफ्तार करोगे…केजरीवाल के विचारों को कैसे गिरफ्तार करोगे?” आप इस एक केजरीवाल को गिरफ्तार करोगे… आप हजारों, लाखों और करोड़ों केजरीवालों को कैसे गिरफ्तार करोगे?”
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि, ”जिस दिन चुनावों के नतीजे आएंगे, मुझे नहीं पता कि मैं जेल में रहूंगा या बाहर… लेकिन मैं जहां भी रहूं, मुझे सुनने को मिले कि लोग कह रहे हैं कि केजरीवाल सिंगरौली आए थे और सिंगरौली के लोगों ने उन्हें एक ऐतिहासिक जीत के साथ वापस भेजा।”
वहीं उन्होंने ईडी के समन पर ईडी दफ्तर न जाकर जवाबी पत्र लिख दिया और कहा कि ईडी का नोटिस “अवैध और राजनीति से प्रेरित है, जो बीजेपी के इशारे पर भेजा गया है।”
केजरीवाल ने पूछी हैसियत….
ईडी को लिखे अपने दो पन्ने के पत्र में केजरीवाल ने ईडी से पूछा है कि , “समन में यह साफ नहीं किया गया है कि मुझे एक व्यक्ति के रूप में बुलाया जा रहा है या दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में या आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में मेरी आधिकारिक क्षमता में बुलाया जा रहा है। इस पूछताछ की प्रकृति मछली पकड़ने जैसी प्रतीत होती है।”
गौरतलब है कि इसी मामले में पहले भी सीबीआई केजरीवाल से पूछताछ कर चुकी है और आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जेल में बंद है। वहीं केजरीवाल को समन भेजे जाने पर पूरे आम आदमी पार्टी ने ‘आप’ ने आरोप लगाया है कि केंद्र केजरीवाल को गिरफ्तार करना चाहता है जो कि राजनीति से प्रेरित है। इसका एक मात्र मकसद दिल्ली और पंजाब में भारी जीत हासिल करने वाली पार्टी को नुकसान पहुंचाना है।