चंडीगढ़: पंजाब के किसान आंदोलन की तपिश हरियाणा तक पहुंच चुकी है। पंजाब के किसानों द्वारा विगत 3 दिन से रेल रोको आंदोलन किया जा रहा है, इसका असर अंबाला में भी देखने को मिला। आंदोलनरत किसान सरकार पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाते हुए अपनी तमाम मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में आज किसानों ने रेल रोको आंदोलन के तहत आज हरियाणा पंजाब शंभू बॉर्डर के नजदीक रेलवे ट्रैक जाम किया व सरकार को जमकर विरोध किया और इसका साफ असर हरियाणा में देखा जा रहा है। हरियाणा के अंबाला में भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के आह्वान पर किसान नेशनल हाईवे-152 D पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर बैठे और 4 घंटे तक शंभू टोल प्लाजा के पास गांव घेल (अंबाला) के पास ट्रैक जाम किया। यहां किसानों ने दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इससे पहले पंजाब के किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने चेतावनी दी थी कि 4 बजे हमारा आंदोलन खत्म हो जाएगा। मगर, अंबाला में जो रेल रोको आंदोलन हो रहा है, उसमें हरियाणा की CM मनोहर लाल खट्टर की अगुआई वाली सरकार ने कोई पंगा लिया तो फिर आंदोलन को बढ़ा दिया जाएगा।
अधिकांश ट्रेने हुईं प्रभावित
किसानों के प्रदर्शन की वजह से पंजाब-हरियाणा में 200 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित हो चुकी हैं। रेलवे ने एहतियातन शनिवार को 136 ट्रेनों को रद्द किया है। वहीं 25 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट, 26 ट्रेनों को ओरिजनेटेड और 16 ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए गए हैं।
किसानी दशहरा 23 और 24 को ऐसा लगता है कि किसान लंबे आंदोलन की तैयारी करके आये हैं। किसान नेता दिलबाग सिंह हरिगढ़, सुरेश कौथ, हरविंदर सिंह गिल ने कहा कि 23 और 24 अक्टूबर को किसानी दशहरा मनाया जाएगा और सरकार की कॉर्पोरेट पक्ष की नीतियों का विरोध किया जाएगा।